Delhi में शराब की बिक्री से कमाई बढ़ी, अप्रैल-मई में सरकार को मिले 1,038 करोड़ रुपये

Delhi: दिल्ली सरकार की तिजोरी में शराब की बिक्री से होने वाली कमाई में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। अप्रैल और मई 2026 के दौरान एक्साइज रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 153 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुत

Delhi: दिल्ली सरकार की तिजोरी में शराब की बिक्री से होने वाली कमाई में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। अप्रैल और मई 2026 के दौरान एक्साइज रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 153 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल इन दो महीनों में कुल 1,038 करोड़ रुपये जमा हुए, जबकि 2025 के इसी समय में यह आंकड़ा 885 करोड़ रुपये था।

दिल्ली सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,200 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य पिछले साल की कुल कमाई 7,148 करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा है। फिलहाल शहर में शराब की बिक्री के लिए पुरानी ड्यूटी-आधारित पॉलिसी ही चल रही है, जिसे बार-बार आगे बढ़ाया गया है। होटल, क्लब और रेस्टोरेंट (HCRs) के लिए भी पुराने नियमों को ही 2026-27 तक लागू रखा गया है क्योंकि नई शराब नीति पर काम अभी बाकी है। वर्तमान में सरकारी एजेंसियां ही रिटेल दुकानों का संचालन कर रही हैं।

कमाई बढ़ने के मुख्य कारण और डेटा

  • पॉलिसी में स्थिरता: नियमों में ज्यादा बदलाव न होने से बाजार में स्थिरता रही।
  • ब्रांड कंट्रोल: सरकारी दुकानों में किसी खास ब्रांड को जबरदस्ती बेचने (Brand Pushing) पर सख्ती बरती गई।
  • नेशनल ब्रांड्स की वापसी: बड़े नेशनल ब्रांड्स की डिमांड फिर से बढ़ी है।
  • बड़े आउटलेट्स: शहर में बड़े वॉक-इन स्टोर खुलने से बिक्री बढ़ी।
विवरण अप्रैल-मई 2025 अप्रैल-मई 2026
कुल एक्साइज कलेक्शन 885 करोड़ रुपये 1,038 करोड़ रुपये
नेशनल ब्रांड्स की हिस्सेदारी (मई) 24% 54%

ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के डायरेक्टर जनरल विनोद गिरी ने बताया कि जब प्राइवेट दुकानें बंद हुईं और सिर्फ सरकारी दुकानें रहीं, तब नेशनल ब्रांड्स की पकड़ कमजोर हो गई थी। लेकिन अब उन्होंने फिर से अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। उन्होंने जिक्र किया कि जब प्राइवेट और सरकारी दोनों दुकानें साथ चलती थीं, तब नेशनल ब्रांड्स की हिस्सेदारी करीब 80% हुआ करती थी। वर्तमान में रिटेल बिक्री का काम DTTDC, DSCSC, DSIIDC और DCCWS जैसी सरकारी संस्थाएं संभाल रही हैं।