Delhi: दिल्ली सरकार के आबकारी राजस्व में 10 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए शराब की बिक्री से 7,200 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का नया लक्ष्य तय किया है। विभाग को उम्मीद है कि
Delhi: दिल्ली सरकार के आबकारी राजस्व में 10 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए शराब की बिक्री से 7,200 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का नया लक्ष्य तय किया है। विभाग को उम्मीद है कि आने वाले त्योहारों, दिवाली और नए साल के दौरान बिक्री में उछाल से यह लक्ष्य आसानी से पूरा होगा। वर्तमान में दिल्ली में पुरानी आबकारी नीति को ही लागू रखा गया है और इसे अगले साल के लिए भी बढ़ा दिया गया है।
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पुरानी आबकारी नीति और दुकानों के संचालन का क्या है हाल?
दिल्ली में फिलहाल पुरानी ड्यूटी-आधारित नीति ही प्रभावी रहेगी जिसे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विस्तार दिया गया है। शहर में शराब की करीब 700 रिटेल दुकानें सरकारी निगमों द्वारा चलाई जा रही हैं। इसमें DTTDC, DSCSC, DSIIDC और DCCWS शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल के पहले छह महीनों में ही राजस्व में 12 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई थी, जिसके बाद सरकार ने नए साल के लिए बड़ा लक्ष्य रखा है।
लाइसेंस फीस में बदलाव और राजस्व के आंकड़े
सरकार ने होटल और रेस्टोरेंट के लिए मौजूदा नियमों को मार्च 2027 तक बढ़ा दिया है लेकिन कुछ श्रेणियों में फीस बढ़ा दी गई है। PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा की अध्यक्षता वाली कमेटी नई आबकारी नीति तैयार कर रही है जिसमें पारदर्शिता और ग्राहकों की सुविधा पर जोर दिया जाएगा।
| विवरण (FY 2025-26) |
राजस्व आंकड़े |
वृद्धि प्रतिशत |
| कुल आबकारी राजस्व (अप्रैल-सितंबर) |
4,192.86 करोड़ रुपये |
12% से ज्यादा |
| राजस्व बिना VAT (अप्रैल-सितंबर) |
3,043.39 करोड़ रुपये |
17% से ज्यादा |
| सालाना लक्ष्य (FY 2026-27) |
7,200 करोड़ रुपये |
नया टारगेट |
- L-17 से L-20 जैसी श्रेणियों के लिए लाइसेंस फीस में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
- यह नई फीस दरें 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए लागू रहेंगी।
- सरकारी शराब दुकानों को त्योहारों के लिए पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- नई नीति में शराब की कीमतों और कानूनी उम्र जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जा रही है।