Delhi: राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार अब बड़े कदम उठाने की तैयारी में है। Federation of Automobile Dealers Associations (FADA) द्वारा आयोजित ‘Vyapar Delhi — Badalti Delhi’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रे
Delhi: राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार अब बड़े कदम उठाने की तैयारी में है। Federation of Automobile Dealers Associations (FADA) द्वारा आयोजित ‘Vyapar Delhi — Badalti Delhi’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऑटोमोबाइल सेक्टर और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को लेकर अहम बातें कहीं। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को विकसित और समावेशी बनाना है, जिसमें ग्रीन मोबिलिटी को प्राथमिकता दी जा रही है।
EV पॉलिसी में क्या बदलाव होंगे और क्या है नया प्लान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया कि दिल्ली सरकार अब EV अपनाने के लिए केवल प्रोत्साहन नहीं देगी, बल्कि इसे अनिवार्य बनाने की दिशा में बढ़ेगी। साल 2027-2028 तक नियम काफी सख्त हो सकते हैं। इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने अपनी वर्तमान EV पॉलिसी को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है और ‘Delhi Electric Vehicle Policy 2.0’ पर काम चल रहा है। इस नई पॉलिसी में 2026 से 2030 तक का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लिए इस साल 7,000 नए चार्जिंग पॉइंट्स लगाने की योजना है।
पेट्रोल गाड़ियों पर बैन और ग्राहकों के लिए नियम
FADA के CEO सहर्ष दमाणी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने 2028 से नए पेट्रोल टू-व्हीलर्स की बिक्री पर बैन लगाने का प्रस्ताव दिया है। अब ग्राहकों के लिए पेट्रोल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत का अंतर कम होता जा रहा है, जिससे लोग आसानी से स्विच कर सकेंगे। वर्तमान में सरकार EV खरीदने वालों को सब्सिडी, टैक्स में छूट, रजिस्ट्रेशन फीस की माफी और पुराने वाहनों को कबाड़ (scrappage) करने पर इंसेंटिव दे रही है।
ऑटो सेक्टर और रिटेल मार्केट का हाल
FADA द्वारा जारी मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय ऑटो रिटेल मार्केट अपने सबसे ऊंचे स्तर पर है। ग्रामीण इलाकों में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री बढ़ी है और अलग-अलग कैटेगरी में EV की हिस्सेदारी में सुधार हुआ है। सरकार ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत ऑटो सेक्टर को हर स्तर पर सहयोग दे रही है ताकि इकोनॉमी और पर्यावरण दोनों का संतुलन बना रहे।