Delhi में EV खरीदना होगा सस्ता, 30 लाख तक की कारों पर रोड टैक्स फ्री; 2028 से बंद होगा पेट्रोल-CNG टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति 2026 को मंजूरी दे दी है। इस नई पॉलिसी का मकसद राजधानी में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या बढ़ाना और हवा की क्वालिटी में सुधार करना है। य
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति 2026 को मंजूरी दे दी है। इस नई पॉलिसी का मकसद राजधानी में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या बढ़ाना और हवा की क्वालिटी में सुधार करना है। यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस नीति की घोषणा करते हुए इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है। सरकार ने आम लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने के लिए कई तरह की छूट और सब्सिडी देने का फैसला किया है। इस योजना के तहत दिल्ली सरकार अगले चार साल में 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करेगी और शहर में 30,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे।
गाड़ियों की खरीद पर मिलने वाली छूट और सब्सिडी की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| वाहन का प्रकार | मिलने वाला लाभ/सब्सिडी |
|---|---|
| इलेक्ट्रिक कार (30 लाख तक) | 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ |
| इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (पहला साल) | 30,000 रुपये तक की सब्सिडी |
| इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (दूसरा साल) | 20,000 रुपये तक की सब्सिडी |
| इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (तीसरा साल) | 10,000 रुपये तक की सब्सिडी |
| इलेक्ट्रिक ऑटो (पहला साल) | 50,000 रुपये तक की सब्सिडी |
| इलेक्ट्रिक ऑटो (दूसरा साल) | 40,000 रुपये तक की सब्सिडी |
| इलेक्ट्रिक ऑटो (तीसरा साल) | 30,000 रुपये तक की सब्सिडी |
| इलेक्ट्रिक ट्रक (3.5 टन से कम) | 1,00,000 रुपये तक का प्रोत्साहन |
| पुराना वाहन स्क्रैप करने पर | BS-IV या उससे पुराने वाहन स्क्रैप कर EV लेने पर 1 लाख रुपये तक लाभ |
इस नीति में पेट्रोल और CNG वाहनों के लिए कड़े नियम भी तय किए गए हैं। 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा (L-5 श्रेणी) का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा। वहीं 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और CNG टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, जिसके बाद केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स ही रजिस्टर हो सकेंगे। हालांकि, जो लोग पहले से पेट्रोल या CNG गाड़ियां चला रहे हैं, उन पर कोई रोक नहीं होगी और वे अपनी गाड़ी की पूरी अवधि तक इस्तेमाल कर सकेंगे।
बता दें कि यह पूरी नीति केवल बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (BEVs) के लिए है और हाइब्रिड गाड़ियों को इसमें कोई सब्सिडी या छूट नहीं मिलेगी। 30 लाख रुपये से महंगी लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों पर सामान्य टैक्स देना होगा। परिवहन विभाग इस ड्राफ्ट पर जनता और जानकारों की राय भी लेगा।