Delhi: दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-2030 का ड्राफ्ट जारी किया है। इस नई योजना के तहत अब शहर में पेट्रोल और डीजल गाड़ियों का दौर धीरे-धीरे खत्म होगा। सरकार ने नए नियमों का प
Delhi: दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-2030 का ड्राफ्ट जारी किया है। इस नई योजना के तहत अब शहर में पेट्रोल और डीजल गाड़ियों का दौर धीरे-धीरे खत्म होगा। सरकार ने नए नियमों का प्रस्ताव रखा है, जिससे आने वाले कुछ सालों में सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही सड़कों पर दिखेंगी। इस ड्राफ्ट पर 10 मई 2026 तक आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं।
नए रजिस्ट्रेशन के लिए क्या हैं जरूरी तारीखें और नियम
नई पॉलिसी के मुताबिक, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में नए इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और ऑटो-रिक्शा का ही रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से यह नियम टू-व्हीलर यानी स्कूटर और बाइक पर भी लागू हो जाएगा। इसके अलावा, 1 जनवरी 2026 से Ola, Uber, Zomato और Swiggy जैसे डिलीवरी पार्टनर्स अपनी फ्लीट में कोई भी नया पेट्रोल या डीजल टू-व्हीलर नहीं जोड़ पाएंगे। सरकारी खरीद में भी अब सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही ली जाएंगी और 2030 तक 30 प्रतिशत स्कूल बसें इलेक्ट्रिक करनी होंगी।
सब्सिडी और टैक्स में कितनी मिलेगी छूट
सरकार ने लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने के लिए कई आर्थिक फायदे दिए हैं। 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर 31 मार्च 2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ होगी। वहीं, इसी कीमत तक की स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों को रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। पुरानी गाड़ियों को कबाड़ में देने पर भी पैसे मिलेंगे, जिसकी जानकारी नीचे दी गई तालिका में है।
| गाड़ी का प्रकार |
कबाड़ (Scrappage) इंसेंटिव |
खरीद इंसेंटिव (प्रथम वर्ष) |
| इलेक्ट्रिक कार (30 लाख तक) |
1 लाख रुपये तक |
– |
| इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर |
10,000 रुपये |
30,000 रुपये तक |
| इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर |
25,000 रुपये |
50,000 रुपये |
| इलेक्ट्रिक N1 गुड्स कैरियर |
– |
1 लाख रुपये |
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इस पॉलिसी का मकसद प्रदूषण घटाना और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को सस्ता और आसान बनाना है। इस पूरी योजना के लिए सरकार ने 3,954.25 करोड़ रुपये का बजट रखा है। दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड इस पूरे प्रोजेक्ट और चार्जिंग स्टेशन बनाने के काम की देखरेख करेगा।