Delhi में 2028 से बंद होगा पेट्रोल टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन, EV खरीदने वालों को मिलेगी भारी सब्सिडी
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की हवा को साफ करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने साफ किया है कि 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए पेट्रोल टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। इसका मतलब है कि उस तारीख के
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की हवा को साफ करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने साफ किया है कि 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए पेट्रोल टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। इसका मतलब है कि उस तारीख के बाद आप नई पेट्रोल बाइक या स्कूटर नहीं खरीद पाएंगे, केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही रजिस्टर हो सकेंगी।
दिल्ली कैबिनेट ने इस EV Policy 2.0 को 29 जून 2026 को मंजूरी दी थी, जो 1 जुलाई 2026 से लागू हो गई है। सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2030 तक दिल्ली की कम से कम 30 प्रतिशत गाड़ियां इलेक्ट्रिक हों। इस बदलाव को आसान बनाने के लिए सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है, ताकि चार्जिंग स्टेशन और अन्य सुविधाएं बढ़ाई जा सकें।
आम लोगों के लिए इस पॉलिसी में कई फायदे दिए गए हैं। जो लोग इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदेंगे, उन्हें शुरुआती साल में 30,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। दूसरे साल में यह राशि 20,000 रुपये और तीसरे साल में 10,000 रुपये होगी। यह लाभ उन गाड़ियों पर मिलेगा जिनकी फैक्ट्री कीमत 2.25 लाख रुपये तक है। साथ ही, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ होगी।
| नियम/सुविधा | विवरण |
|---|---|
| पेट्रोल टू-व्हीलर बैन | 1 अप्रैल 2028 से नए रजिस्ट्रेशन बंद |
| पेट्रोल/CNG ऑटो बैन | 1 जनवरी 2027 से नए रजिस्ट्रेशन बंद |
| पुरानी गाड़ियां | रजिस्टर्ड पेट्रोल गाड़ियां अपनी लाइफटाइम तक चल सकेंगी |
| BS-IV टू-व्हीलर स्क्रैपिंग | नई EV खरीदने पर 10,000 रुपये प्रोत्साहन |
| BS-IV फोर-व्हीलर स्क्रैपिंग | नई EV खरीदने पर 1 लाख रुपये प्रोत्साहन |
| चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर | 30,000 से ज्यादा पब्लिक चार्जिंग पॉइंट का लक्ष्य |
परिवहन मंत्री Pankaj Kumar Singh ने बताया कि इस नीति का मकसद इलेक्ट्रिक गाड़ियों को सस्ता और सुलभ बनाना है। वहीं, Ather Energy के CEO Tarun Mehta और अन्य विशेषज्ञों ने इस कदम की तारीफ की है। सरकार का कहना है कि टू-व्हीलर प्रदूषण में बड़ा हिस्सा बढ़ाते हैं, इसलिए यह फैसला जरूरी था।