Delhi में EV चार्जिंग स्टेशन लगाना होगा आसान, सरकार ने नियमों में किया बदलाव, अब मिलेगी सरकारी मदद
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने के लिए बिजली सप्लाई के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब चार्जिंग स्टेशन बनाने वाले डेवलपर्स केंद्र सरकार की PM E-DRIVE स्कीम के तहत मिलने वाली
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने के लिए बिजली सप्लाई के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब चार्जिंग स्टेशन बनाने वाले डेवलपर्स केंद्र सरकार की PM E-DRIVE स्कीम के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद का फायदा उठा सकेंगे। इस कदम से दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों का नेटवर्क तेजी से बढ़ेगा और लोगों को चार्जिंग की समस्या से राहत मिलेगी।
दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने 1 जुलाई 2026 को नियमों में यह संशोधन किया। पहले ट्रांसफार्मर, केबल और सुरक्षा उपकरणों जैसे ‘अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर’ के खर्च को लेकर तकनीकी दिक्कतें आती थीं, जिसकी वजह से डेवलपर्स को सब्सिडी मिलने में परेशानी होती थी। अब इन खर्चों का हिसाब एक अप्रूव्ड कॉस्ट डेटा बुक के जरिए अलग से किया जाएगा। इससे यह फायदा होगा कि कमर्शियल चार्जिंग स्टेशन के खर्च का बोझ आम बिजली उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा और उनके बिजली बिल नहीं बढ़ेंगे।
दिल्ली सरकार की नई EV पॉलिसी 2026 अब लागू हो चुकी है, जो 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस पॉलिसी के तहत दिल्ली में 30,000 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे, जिसके लिए जमीन की पहचान भी कर ली गई है। मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम भी शुरू किया गया है।
परिवहन मंत्री आशीष सूद के अनुसार, इलेक्ट्रिक गाड़ियां न केवल प्रदूषण कम करेंगी बल्कि इससे भारत की विदेशी ईंधन पर निर्भरता भी घटेगी। इस पूरी योजना में दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रही है। इसके अलावा, अब हर कार डीलरशिप पर कम से कम एक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य होगा।
नई पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और गुड्स करियर के लिए सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही, पात्र इलेक्ट्रिक कारों के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% की छूट मिलेगी। सरकार का लक्ष्य 2030 तक दिल्ली को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का बड़ा हब बनाना है।