Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030’ का मसौदा तैयार किया है। इस नई नीति के तहत साल 2028 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030’ का मसौदा तैयार किया है। इस नई नीति के तहत साल 2028 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन होगा। सरकार ने इस ड्राफ्ट को 11 अप्रैल 2026 को जारी किया है और आम जनता से 30 दिनों के भीतर इस पर सुझाव मांगे हैं।
नई EV पॉलिसी में कितनी मिलेगी सब्सिडी और छूट
सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों के लिए कई आर्थिक फायदे दिए हैं। 31 मार्च 2030 तक 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में पूरी छूट मिलेगी। इसके अलावा, पुरानी पेट्रोल या डीजल गाड़ी को स्क्रैप करने पर 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव मिलेगा। सब्सिडी का पैसा सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा।
| वाहन का प्रकार |
अधिकतम सब्सिडी |
शर्त/विवरण |
| इलेक्ट्रिक दोपहिया |
₹30,000 |
₹10,000 प्रति kWh |
| ई-ऑटो |
₹50,000 |
तीन पहिया वाहन |
| इलेक्ट्रिक कार |
₹1 लाख |
पहले 1 लाख खरीदार (₹30 लाख तक की कार) |
| छोटे इलेक्ट्रिक ट्रक |
₹1 लाख |
N1 श्रेणी के वाहन |
चार्जिंग स्टेशन और अन्य खास नियम क्या हैं
दिल्ली सरकार का लक्ष्य साल 2026 तक शहर में 18,000 चार्जिंग पॉइंट लगाना है। अब सभी गाड़ियों की डीलरशिप पर चार्जिंग पॉइंट होना जरूरी होगा। महिलाओं के लिए 2000 पिंक ई-ऑटो और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए 500 रेनबो ई-ऑटो परमिट जारी किए जाएंगे। साथ ही, 2030 तक स्कूलों की 30% बसों और वैन को इलेक्ट्रिक करना अनिवार्य होगा।
कंपनियों ने क्या जताई आपत्ति और क्या है CAQM का कहना
मारुति, हुंडई और टाटा जैसी कंपनियों ने 2030 तक 100% ईवी के लक्ष्य पर सवाल उठाए हैं। कंपनियों का कहना है कि बैटरी महंगी होने के कारण 5 लाख रुपये से कम की ईवी बनाना मुश्किल है, इसलिए हाइब्रिड और सीएनजी को भी मौका मिलना चाहिए। वहीं, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कहा है कि दिल्ली में प्रदूषण एक स्वास्थ्य आपातकाल है, इसलिए सख्त कदम उठाना जरूरी है।