Delhi: पूर्वी दिल्ली के वेलकम थाना क्षेत्र की जनता मजदूर कॉलोनी में शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई। यह सेंटर एक मकान के ग्राउंड फ्लोर पर चल रहा था। घटना के समय वहां मौजूद बच्चों को स्थानीय लो
Delhi: पूर्वी दिल्ली के वेलकम थाना क्षेत्र की जनता मजदूर कॉलोनी में शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई। यह सेंटर एक मकान के ग्राउंड फ्लोर पर चल रहा था। घटना के समय वहां मौजूद बच्चों को स्थानीय लोगों ने तुरंत बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
आग कैसे लगी और बचाव कार्य कैसा रहा?
शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी घायल या हताहत नहीं हुआ। पुलिस और फायर विभाग अब इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
दिल्ली के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा के क्या हैं नियम?
दिल्ली में रिहायशी इमारतों के अंदर बिना सुरक्षा इंतजामों के कोचिंग सेंटर चलाने का मामला सामने आया है। शिक्षा निदेशालय ने 22 जून 2023 को मुखर्जी नगर की घटना के बाद सभी निजी स्कूलों और सेंटरों को कुछ जरूरी सर्टिफिकेट अपडेट रखने का आदेश दिया था। इनमें मुख्य रूप से ये दस्तावेज शामिल हैं:
- फायर एनओसी (Fire NOC)
- वाटर टेस्ट सर्टिफिकेट
- स्कूल हेल्थ सर्टिफिकेट
- बिल्डिंग सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट
अधिकारियों की कार्रवाई और लापरवाही
कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा की अनदेखी पर प्रशासन पहले भी सख्त रहा है। 7 नवंबर 2025 को एलजी वी.के. सक्सेना ने ओल्ड राजेंद्र नगर के राव कोचिंग सेंटर मामले में अग्नि सुरक्षा विभाग के दो ग्रुप ‘ए’ अधिकारियों, वेदपाल और उदयवीर सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मंजूरी दी थी। उन पर बेसमेंट को अवैध रूप से लाइब्रेरी और क्लासरूम के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति देने का आरोप था। इसके बावजूद रिहायशी इलाकों में अवैध सेंटर अभी भी चल रहे हैं।