Delhi: राजधानी दिल्ली के राजघाट ट्रैफिक सिग्नल के पास सोमवार, 18 मई 2026 को एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। एक DTC बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए थे और सामने भीड़भाड़ वाला इलाका था। ऐसे में बस ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाई और बस
Delhi: राजधानी दिल्ली के राजघाट ट्रैफिक सिग्नल के पास सोमवार, 18 मई 2026 को एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। एक DTC बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए थे और सामने भीड़भाड़ वाला इलाका था। ऐसे में बस ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाई और बस को सड़क के डिवाइडर से टकरा दिया, जिससे बस रुक गई और कई लोगों की जान बच गई।
कैसे टला राजघाट का यह बड़ा हादसा
घटना के समय बस में सिर्फ ड्राइवर और कंडक्टर सवार थे, इसलिए कोई घायल नहीं हुआ। जैसे ही ड्राइवर को अहसास हुआ कि ब्रेक काम नहीं कर रहे हैं, उसने बस को डिवाइडर की तरफ मोड़ दिया। IP Estate पुलिस स्टेशन को PCR कॉल मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बस में तकनीकी खराबी कैसे आई।
DTC प्रशासन और पुलिस की अब तक की कार्रवाई
DTC के अधिकारियों ने इस मामले में संबंधित डिपो मैनेजर से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस के मुताबिक, अगर ड्राइवर समय पर बस को डिवाइडर से नहीं टकराता, तो सिग्नल पर मौजूद अन्य गाड़ियों और लोगों के लिए यह जानलेवा हो सकता था। इस घटना की वजह से कुछ समय के लिए इलाके के ट्रैफिक में भी रुकावट आई थी।
बसों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं
परिवहन विभाग बसों में हादसों को रोकने के लिए कई इंतजाम कर रहा है। अगस्त 2024 में आधार-आधारित ड्यूटी और बायोमेट्रिक सिस्टम जैसे नियम लागू किए गए थे ताकि ड्राइवर थकान में गाड़ी न चलाएं। वहीं नवंबर 2025 में बसों के रखरखाव, वायरिंग और बैटरी हेल्थ की रियल टाइम निगरानी के लिए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के आदेश दिए गए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राजघाट हादसे में कितने लोग घायल हुए?
इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ क्योंकि बस में केवल ड्राइवर और कंडक्टर सवार थे और दोनों सुरक्षित रहे।
DTC बसों की सुरक्षा के लिए क्या नए नियम आए हैं?
विभाग ने आधार-आधारित ड्यूटी, बायोमेट्रिक फेस रिकग्निशन, ब्रेथ-एनालाइजर टेस्ट और सिम्युलेटर ट्रेनिंग जैसे सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।