Delhi: राजधानी दिल्ली में अब शोर मचाने वालों की खैर नहीं है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए एक नई और सख्त SOP लागू कर दी है। अब केवल पब और बार ही नहीं, बल्कि आपके घर, मोहल्ले और कमर
Delhi: राजधानी दिल्ली में अब शोर मचाने वालों की खैर नहीं है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए एक नई और सख्त SOP लागू कर दी है। अब केवल पब और बार ही नहीं, बल्कि आपके घर, मोहल्ले और कमर्शियल इलाकों में भी शोर करने पर कड़ी कार्रवाई होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगेगा और म्यूजिक सिस्टम भी जब्त किया जा सकता है।
शोर की शिकायत पर क्या होगी कार्रवाई
अगर कोई व्यक्ति शोर को लेकर शिकायत करता है, तो DPCC की टीम को 72 घंटे के भीतर मौके पर पहुंचना होगा। जांच टीम केवल उस जगह की जांच नहीं करेगी जहां से शोर आ रहा है, बल्कि आसपास के इलाके में भी ध्वनि स्तर को मापा जाएगा। पारदर्शिता रखने के लिए जांच अधिकारी को शिकायत करने वाले व्यक्ति की मौजूदगी में ही रिपोर्ट तैयार करनी होगी और उसे कार्रवाई की पूरी जानकारी देनी होगी।
लाउडस्पीकर और उपकरणों की जब्ती के नियम
नियमों के मुताबिक, अगर शोर तय सीमा से ज्यादा पाया गया, तो SDM और पुलिस मिलकर लाउडस्पीकर, म्यूजिक सिस्टम या कोई भी शोर करने वाला उपकरण तुरंत जब्त कर लेंगे। सार्वजनिक या निजी प्रोग्राम में लाउडस्पीकर चलाने के लिए दिल्ली सरकार या पुलिस से लिखित अनुमति लेना जरूरी होगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
इलाकों के हिसाब से शोर की तय सीमा और जुर्माना
| इलाका |
दिन की सीमा (डेसिबल) |
रात की सीमा (डेसिबल) |
| आवासीय (Residential) |
55 |
45 |
| शांत क्षेत्र (अस्पताल/स्कूल) |
50 |
40 |
| औद्योगिक (Industrial) |
75 |
70 |
जुर्माने की बात करें तो लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम से प्रदूषण फैलाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। वहीं, 1000 KVA से ज्यादा के डीजल जनरेटर सेट से शोर होने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में रात को कितने बजे तक लाउडस्पीकर बजा सकते हैं
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
शोर की शिकायत करने पर कितने दिन में कार्रवाई होगी
DPCC की टीम को शिकायत मिलने के 72 घंटे के भीतर मौके पर जाकर जांच करनी होगी।