Delhi: नई दिल्ली के भारत मंडपम में 20 अप्रैल को 22वां डीपी कोहली स्मृति व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत मुख्य वक्ता होंगे। इस बार व्याख्यान का मुख्य विषय साइबर
Delhi: नई दिल्ली के भारत मंडपम में 20 अप्रैल को 22वां डीपी कोहली स्मृति व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत मुख्य वक्ता होंगे। इस बार व्याख्यान का मुख्य विषय साइबर अपराध की चुनौतियां और इसमें पुलिस और न्यायपालिका की भूमिका पर आधारित रहेगा।
डीपी कोहली स्मृति व्याख्यान क्या है?
यह व्याख्यान श्रृंखला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के संस्थापक निदेशक स्वर्गीय श्री डीपी कोहली के सम्मान में हर साल आयोजित की जाती है। इसका मकसद कानून लागू करने वाली एजेंसियों और आपराधिक न्याय प्रणाली के सामने आने वाली मुश्किलों पर चर्चा करना और उनके समाधान ढूंढना है। आमतौर पर सीबीआई इसे अपने स्थापना दिवस यानी 1 अप्रैल को आयोजित करती है।
साइबर अपराध और न्यायपालिका के सामने क्या चुनौतियां हैं?
इस व्याख्यान में उन समस्याओं पर बात होगी जो साइबर क्राइम से लड़ने में पुलिस और कोर्ट को आती हैं। मुख्य चुनौतियों में ये बातें शामिल हैं:
- पुलिस के पास साइबर जांच की नई तकनीकों के लिए ट्रेनिंग की कमी।
- साइबर अपराधों का रिकॉर्ड रखने के लिए एक केंद्रीय डेटाबेस न होना।
- अदालतों में इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को पेश करने और उन्हें मान्य कराने में आने वाली दिक्कतें।
- पुराने कानूनी ढांचे और तकनीकी प्रगति के बीच का अंतर।
पिछले व्याख्यानों में किन विषयों पर चर्चा हुई?
इस श्रृंखला के पिछले कार्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण विषयों को रखा गया था। 1 अप्रैल 2024 को हुए 20वें व्याख्यान में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने आपराधिक न्याय में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर बात की थी। वहीं, 21वें व्याख्यान में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘विकसित भारत @ 2047’ के लिए सीबीआई के रोडमैप पर अपने विचार रखे थे।