Delhi: राजधानी दिल्ली में घर में काम करने वाले सहायकों द्वारा अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। पिछले पांच सालों में लूट और चोरी की 750 से ज्यादा वारदातें दर्ज हुई हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इनमें से ज्यादातर सहायकों
Delhi: राजधानी दिल्ली में घर में काम करने वाले सहायकों द्वारा अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। पिछले पांच सालों में लूट और चोरी की 750 से ज्यादा वारदातें दर्ज हुई हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इनमें से ज्यादातर सहायकों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया था, जिससे परिवारों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
हाल ही में हुई कौन सी बड़ी वारदातें हैं?
अप्रैल 2026 में दिल्ली में कई गंभीर मामले सामने आए हैं। एक IRS अधिकारी की बेटी की उसके पूर्व सहायक राहुल मीणा ने बलात्कार के बाद हत्या कर दी, जिसे बाद में द्वारका के एक होटल से पकड़ा गया। गोल्फ लिंक्स कॉलोनी में शराब कारोबारी प्रवीण चावला के घर में उनके सहायक सुशील कामत ने साथियों के साथ मिलकर डकैती की। इसके अलावा शालीमार बाग से दो बांग्लादेशी महिलाएं पकड़ी गईं जो पहचान छिपाकर काम कर रही थीं।
पुलिस वेरिफिकेशन के नियम और लापरवाही का अंजाम क्या है?
कानून के मुताबिक घरेलू सहायकों, किरायेदारों और ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है। अगर मकान मालिक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो पुलिस उसके खिलाफ मामला दर्ज कर सकती है, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है। दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि किसी को भी काम पर रखने से पहले उनकी पुलिस क्लीयरेंस रिपोर्ट जरूर मांगें।
वेरिफिकेशन कैसे कराएं और अपराध के आंकड़े क्या कहते हैं?
लोग दिल्ली पुलिस ऐप के जरिए या स्थानीय पुलिस स्टेशन से फॉर्म लेकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अपराध के आंकड़ों पर नजर डालें तो:
| विवरण |
आंकड़े/जानकारी |
| समय सीमा |
2020 से 2025 |
| कुल वारदातें (लूट/चोरी) |
750 से अधिक |
| गिरफ्तार आरोपी |
लगभग 650 |
| मुख्य कारण |
पुलिस सत्यापन की अनदेखी |