Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की तंग गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए DEVi बस सेवा शुरू की है। इस सेवा का मकसद लोगों को मेट्रो स्टेशन और घर के बीच की दूरी को कम करना है। हालांकि, कागजों पर योजना बड़ी है लेकिन जमीन पर ब
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की तंग गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए DEVi बस सेवा शुरू की है। इस सेवा का मकसद लोगों को मेट्रो स्टेशन और घर के बीच की दूरी को कम करना है। हालांकि, कागजों पर योजना बड़ी है लेकिन जमीन पर बसों की कमी और समय की अनियमितता की वजह से आम यात्रियों को परेशानी हो रही है।
DEVi बस सेवा क्या है और यह कैसे काम करती है
DEVi (दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरकनेक्टर) बसों को पहले मोहल्ला बस सेवा कहा जाता था। ये बसें 9 मीटर लंबी हैं, जिससे ये उन संकरी सड़कों पर भी आसानी से चल पाती हैं जहाँ बड़ी बसें नहीं जा सकतीं। इन बसों में 23 सीटें हैं और महिलाओं के लिए यात्रा पूरी तरह मुफ्त है, जबकि अन्य लोगों को 10 से 25 रुपये किराया देना होता है। सुरक्षा के लिए इनमें CCTV, पैनिक बटन और व्हीलचेयर रैंप जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
रूट और फ्रीक्वेंसी को लेकर क्या हैं समस्याएं
IIT दिल्ली ने कुल 148 नए रूट प्रस्तावित किए थे, लेकिन वर्तमान में DEVi बसें केवल 80 रूटों पर ही चल रही हैं। यात्रियों का कहना है कि बसें समय पर नहीं आतीं, जिससे यह सेवा अविश्वसनीय हो गई है। द्वारका जैसे इलाकों में तो बसों का उपयोग बहुत कम है क्योंकि लोगों को रूट और समय की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। DTC के प्रबंध निदेशक जितेंद्र यादव ने माना है कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए समय की पाबंदी बहुत जरूरी है।
भविष्य की योजना और विस्तार
मई 2026 तक दिल्ली में 1,489 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हो चुकी हैं, जिनसे रोजाना करीब 2.8 लाख लोग सफर कर रहे हैं। DTC इस साल के अंत तक 500 और DEVi बसें चलाने की तैयारी में है। फरवरी 2026 में इस सेवा को दिल्ली हाई कोर्ट, रोहिणी, साकेत और द्वारका कोर्ट जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों तक भी बढ़ाया गया है ताकि कानूनी काम से जाने वाले लोगों को आसानी हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
DEVi बसों का किराया कितना है और क्या महिलाओं के लिए यह मुफ्त है
DEVi बसों में महिला यात्रियों के लिए यात्रा पूरी तरह निःशुल्क है। अन्य यात्रियों के लिए किराये की राशि 10 रुपये से 25 रुपये के बीच तय की गई है।
DEVi बसें सामान्य बसों से अलग क्यों हैं
ये बसें 9 मीटर लंबी हैं, जो इन्हें दिल्ली की संकरी सड़कों और भीड़भाड़ वाले मोहल्लों में चलने के लिए उपयुक्त बनाती हैं, जहाँ 12 मीटर वाली मानक बसें नहीं जा सकतीं।