Delhi : राजधानी दिल्ली में साल 2025 के दौरान डेंगू के मामलों में काफी कमी आई है, जो लोगों के लिए राहत की खबर है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग अब मलेरिया और चिकनगुनिया के बढ़ते आंकड़ों को लेकर परेशान है। MCD की ताजा रिपोर्ट क
Delhi : राजधानी दिल्ली में साल 2025 के दौरान डेंगू के मामलों में काफी कमी आई है, जो लोगों के लिए राहत की खबर है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग अब मलेरिया और चिकनगुनिया के बढ़ते आंकड़ों को लेकर परेशान है। MCD की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, डेंगू पर तो लगाम लगी है लेकिन अन्य मच्छर जनित बीमारियों का खतरा अभी टला नहीं है।
डेंगू के आंकड़ों में कितनी आई कमी?
MCD की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में दिल्ली में डेंगू के 1,493 मामले सामने आए और 4 लोगों की जान गई। अगर इसकी तुलना पिछले सालों से करें तो यह गिरावट बहुत बड़ी है। 2024 में 6,000 से ज्यादा केस और 11 मौतें हुई थीं, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 9,266 केस और 19 मौतों तक पहुंच गया था। साल 2025 में सबसे ज्यादा केस अक्टूबर के महीने में देखे गए।
मलेरिया और चिकनगुनिया की क्या है स्थिति?
डेंगू घटने के बावजूद मलेरिया और चिकनगुनिया अब चिंता का विषय बन गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मानसून की लंबी बारिश और जगह-जगह जमा पानी की वजह से मच्छरों को पनपने का मौका मिला।
| बीमारी |
2025 के मामले |
2024 के मामले |
2023 के मामले |
| मलेरिया |
741 |
784 |
333 |
| चिकनगुनिया |
180 |
259 |
31 |
मलेरिया के मामले 2023 और 2022 के मुकाबले काफी ज्यादा रहे हैं। वहीं चिकनगुनिया के केस भी 2023 की तुलना में काफी बढ़े हैं।
बीमारी रोकने के लिए MCD ने क्या कदम उठाए?
MCD ने मच्छरों को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। इसके तहत सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों से जमा पानी हटाने के निर्देश दिए गए। रोकथाम के लिए किए गए मुख्य काम इस प्रकार हैं:
- करीब 3.77 करोड़ घरों की जांच की गई।
- 32.5 लाख से ज्यादा घरों में कीटनाशकों का छिड़काव हुआ।
- नियम तोड़ने वालों को 1.5 लाख से ज्यादा कानूनी नोटिस भेजे गए।
- कुल 29,117 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
डॉ. मनीषा अरोड़ा (CK Birla Hospital) के मुताबिक, जागरूकता और घर-घर जाकर की गई जांच से डेंगू में कमी आई है। वहीं, डॉ. सुरंजित चटर्जी (Indraprastha Apollo Hospitals) ने कहा कि अब ये बीमारियां सिर्फ किसी एक मौसम तक सीमित नहीं रहीं, इसलिए बचाव और समय पर इलाज जरूरी है।