Delhi: दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में सांसदों और विधायकों की संख्या बढ़ सकती है। परिसीमन की इस प्रक्रिया के बाद अब दिल्ली में लोकसभा सीटों की संख्या 7 से बढ़कर
Delhi: दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में सांसदों और विधायकों की संख्या बढ़ सकती है। परिसीमन की इस प्रक्रिया के बाद अब दिल्ली में लोकसभा सीटों की संख्या 7 से बढ़कर 11 और विधानसभा सीटों की संख्या 70 से बढ़कर करीब 105 हो सकती है।
सीटों में बदलाव और महिला आरक्षण का क्या है नियम
सरकार की योजना के मुताबिक, यह पूरा बदलाव 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा। परिसीमन का काम 2026-27 में शुरू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। महिलाओं के लिए सीटों का चयन लॉटरी के जरिए होगा और यह व्यवस्था 15 साल तक लागू रहेगी।
बदलावों की पूरी लिस्ट और समय सीमा
| विवरण |
वर्तमान स्थिति |
प्रस्तावित बदलाव |
| लोकसभा सीटें |
7 |
11 |
| विधानसभा सीटें |
70 |
करीब 105 |
| महिला आरक्षण |
लागू नहीं |
33 प्रतिशत |
| आधार वर्ष |
– |
2011 जनगणना |
| लागू होने का समय |
– |
2029 चुनाव से पहले |
राजनीतिक दलों की क्या है राय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि महिला आरक्षण से भारतीय लोकतंत्र और मजबूत होगा और उन्होंने सभी दलों से इसका समर्थन मांगा है। दूसरी तरफ, कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इस पर चिंता जताई है। सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे संविधान पर हमला बताया है और परिसीमन की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी मांगी है। केंद्र सरकार गुरुवार (16 अप्रैल 2026) को संसद में इससे जुड़ा एक महत्वपूर्ण संविधान संशोधन बिल पेश कर सकती है।