Uttarakhand: दिल्ली से देहरादून का सफर अब काफी कम समय में पूरा हो रहा है, लेकिन शहर की सीमा में घुसते ही लोग जाम में फंस रहे हैं। नए एक्सप्रेसवे की वजह से दिल्ली से देहरादून पहुंचने में करीब ढाई से तीन घंटे लग रहे हैं, प
Uttarakhand: दिल्ली से देहरादून का सफर अब काफी कम समय में पूरा हो रहा है, लेकिन शहर की सीमा में घुसते ही लोग जाम में फंस रहे हैं। नए एक्सप्रेसवे की वजह से दिल्ली से देहरादून पहुंचने में करीब ढाई से तीन घंटे लग रहे हैं, पर शहर के अंदर पहुंचने में दो घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है। सोशल मीडिया पर लोग ट्रैफिक के वीडियो शेयर कर अपना गुस्सा निकाल रहे हैं।
एक्सप्रेसवे के नियम और रफ्तार की क्या है सीमा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। सड़क पर सुरक्षा के लिए NHAI ने सख्त नियम बनाए हैं। प्राइवेट कारों के लिए अधिकतम स्पीड 100 किमी प्रति घंटा और कमर्शियल गाड़ियों के लिए 80 किमी प्रति घंटा तय की गई है। भारी वाहनों को सबसे बाईं लेन (Lane-3) का इस्तेमाल करना होगा। सुरक्षा कारणों से टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और ट्रैक्टरों का इस एक्सप्रेसवे पर जाना पूरी तरह मना है।
शहर में जाम की समस्या और प्रशासन के इंतजाम
देहरादून के एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह ने बताया कि शहर के भीतर रिस्पना पुल, जोगीवाला और ISBT जैसे इलाकों में भारी जाम लग रहा है। इसे ठीक करने के लिए 16 अप्रैल 2026 से एक SOP लागू की गई है। ट्रैफिक को कम करने के लिए शिमला बाईपास और GMS रोड पर डायवर्जन रूट बनाए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को रूट की जानकारी दी जा रही है। भविष्य में सहारनपुर रोड को चौड़ा करने और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना है।
टोल चार्जेस और सुविधाओं की स्थिति
फिलहाल टोल वसूली शुरू नहीं हुई है, लेकिन अनुमान है कि कारों के लिए एक तरफ का किराया 670 से 675 रुपये और 24 घंटे के भीतर वापसी का किराया करीब 1,000 रुपये होगा। यह पूरा कॉरिडोर FASTag से लैस होगा, हालांकि अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक का हिस्सा टोल-फ्री रहेगा। सुविधाओं की बात करें तो पेट्रोल पंप और रेस्ट एरिया का काम अभी चल रहा है, जिसे पूरा होने में दो महीने का समय लग सकता है। साथ ही NHAI का हेल्पलाइन नंबर 1033 और SOS बूथ अभी पूरी तरह चालू नहीं हुए हैं।