Delhi-Uttarakhand : दिल्ली से देहरादून जाने वालों के लिए खुशखबरी है कि नया एक्सप्रेसवे अब चालू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को इस 210-213 किलोमीटर लंबे सिक्स-लेन कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस सड़क
Delhi-Uttarakhand : दिल्ली से देहरादून जाने वालों के लिए खुशखबरी है कि नया एक्सप्रेसवे अब चालू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को इस 210-213 किलोमीटर लंबे सिक्स-लेन कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस सड़क के बनने से दिल्ली और देहरादून के बीच का समय 6 घंटे से घटकर अब करीब 2.5 से 3 घंटे रह गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स ने इस सफर का रिएलिटी चेक किया है।
एक्सप्रेसवे की खासियतें और जरूरी नियम क्या हैं?
इस एक्सप्रेसवे को करीब 11,868 करोड़ से 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यहाँ गाड़ियों की रफ्तार की सीमा 100 kmph तय की गई है। सुरक्षा के लिहाज से दोपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित है, और नियम तोड़ने पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
| सुविधा/नियम |
विवरण |
| कुल लंबाई |
210-213 किलोमीटर |
| समय की बचत |
6 घंटे से घटकर 2.5-3 घंटे |
| स्पीड लिमिट |
100 kmph |
| वन्यजीव कॉरिडोर |
11-12 किमी (एशिया का सबसे लंबा) |
| टनल |
340 मीटर लंबी दात काली टनल |
| टोल चार्ज (अनुमानित) |
एक तरफ का ₹670-₹675 |
लोणी के मकान और सुविधाओं को लेकर क्या है समस्या?
एक्सप्रेसवे चालू तो हो गया है, लेकिन लोणी के मंडोला गांव में एक 1,600 वर्ग मीटर का मकान अभी भी रास्ते में है। इस मकान की वजह से एक मुख्य एग्जिट रैंप बंद है, जिसके लिए NHAI फिलहाल एक अस्थायी सर्विस रोड का इस्तेमाल कर रहा है। यह मामला 1998 से कोर्ट में चल रहा है। इसके अलावा, सड़क किनारे पेट्रोल पंप और रेस्टोरेंट जैसी कुछ सुविधाएं अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई हैं।
सफर के लिए टोल और अन्य जानकारी
यह पूरा एक्सप्रेसवे FASTag से लैस है। अनुमान है कि कारों के लिए एक तरफ का टोल ₹670-₹675 होगा, जबकि 24 घंटे के भीतर वापसी का सफर ₹1,000 के आसपास पड़ सकता है। हालांकि, NHAI ने अभी आधिकारिक रेट्स पूरी तरह नोटिफाई नहीं किए हैं और कुछ टोल प्लाजा पर काम अभी भी चल रहा है।