UP: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह से चालू हो गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को किया। इस नए रास्ते से गाजियाबाद के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा क्योंकि अब सफर का समय बहुत कम
UP: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह से चालू हो गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को किया। इस नए रास्ते से गाजियाबाद के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा क्योंकि अब सफर का समय बहुत कम हो गया है। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा बल्कि इलाके में व्यापार और रोजगार के नए मौके भी लाएगा।
एक्सप्रेसवे से सफर और समय में कितना बदलाव आया
इस 213 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले कॉरिडोर को बनाने में 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आया है। पहले दिल्ली से देहरादून पहुंचने में 6 घंटे से ज्यादा का समय लगता था, जो अब घटकर लगभग 2.5 घंटे रह गया है। गाजियाबाद के लोग दिल्ली के अक्षरधाम के जरिए इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे देहरादून पहुंचने में उन्हें करीब 2 घंटे 15 मिनट का समय लगेगा।
Ghaziabad और आसपास के इलाकों पर क्या होगा असर
एक्सप्रेसवे के शुरू होने से गाजियाबाद की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट मिलेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले 18-24 महीनों में गाजियाबाद के साहिबाबाद बेल्ट जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी के दाम 15-25% तक बढ़ सकते हैं। इसके अलावा, गाजियाबाद में लॉजिस्टिक्स हब और बागपत में इंडस्ट्रियल पार्क बनने से स्थानीय लोगों के लिए नौकरी के काफी मौके पैदा होंगे।
एक्सप्रेसवे की खास बातें और सुविधाएं
| विशेषता |
विवरण |
| कुल लंबाई |
213 किलोमीटर |
| कुल लागत |
12,000 करोड़ रुपये से अधिक |
| वाइल्डलाइफ कॉरिडोर |
12 किमी लंबा (एशिया का सबसे लंबा) |
| ट्रैफिक सिस्टम |
Advanced Traffic Management System (ATMS) |
| प्रमुख कनेक्टिविटी |
Eastern Peripheral Expressway से जुड़ाव |
इस प्रोजेक्ट में राजजी नेशनल पार्क के बीच 12 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है ताकि जंगली जानवरों की आवाजाही सुरक्षित रहे। साथ ही, ट्रैफिक को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए इसमें आधुनिक ATMS सिस्टम लगाया गया है।