Delhi में जलभराव रोकने के लिए DDA ने हटाई 57 हजार मीट्रिक टन गाद, LG टीएस संधू की निगरानी में पूरा हुआ काम

Delhi: राजधानी दिल्ली में मानसून के दौरान सड़कों पर पानी जमा न हो, इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने नालों की सफाई का बड़ा अभियान चलाया है। उपराज्यपाल टीएस संधू की सीधी निगरानी में किए गए इस काम से शहर के कई इलाको

Delhi: राजधानी दिल्ली में मानसून के दौरान सड़कों पर पानी जमा न हो, इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने नालों की सफाई का बड़ा अभियान चलाया है। उपराज्यपाल टीएस संधू की सीधी निगरानी में किए गए इस काम से शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या कम होने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, इस बार गाद निकालने का काम पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा रहा है।

DDA ने इस काम को तेजी से पूरा करने के लिए शहर को छह अलग-अलग ऑपरेशनल जोन में बांटा था। पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी जोन में नालों की सफाई का काम पूरी तरह खत्म हो चुका है। वहीं नरेला, रोहिणी और द्वारका जैसे इलाकों में यह काम अब अपने आखिरी चरण में है। 9 जुलाई 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, इस साल कुल 57 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा सिल्ट (गाद) हटाई गई है, जो पिछले साल की तुलना में 70 प्रतिशत अधिक है।

DDA का कहना है कि इन कोशिशों का असर दिखने लगा है। उदाहरण के लिए द्वारका जैसे इलाकों में तीन दिनों तक लगातार बारिश होने के बाद भी पानी कम जमा हुआ है। मानसून के समय किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के साथ-साथ सभी इंजीनियरिंग जोन में अलग से कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। लोगों की मदद के लिए 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन सेवा भी शुरू की गई है ताकि जलभराव की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो सके। इसके अलावा, जिन इलाकों में पानी भरने का खतरा ज्यादा रहता है, वहां मोबाइल पंपिंग यूनिट्स को तैनात किया गया है।