Delhi: दिल्ली की पुरानी इमारतों और इतिहास को बचाने और लोगों तक पहुँचाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हाथ मिलाया है। आज, सोमवार 13 अप्रैल 2026 से ‘विरासत सप्ताह’ की
Delhi: दिल्ली की पुरानी इमारतों और इतिहास को बचाने और लोगों तक पहुँचाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हाथ मिलाया है। आज, सोमवार 13 अप्रैल 2026 से ‘विरासत सप्ताह’ की शुरुआत हो रही है। यह कार्यक्रम 18 अप्रैल तक चलेगा, जिसका मुख्य मकसद दिल्ली के युवाओं को शहर की कला और संस्कृति से रूबरू कराना है।
विरासत सप्ताह में क्या-क्या गतिविधियां होंगी?
इस पूरे हफ्ते के दौरान कई तरह के मुकाबले और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि लोग दिलचस्पी ले सकें। मुख्य गतिविधियां इस प्रकार हैं:
- फोटोग्राफी प्रतियोगिता: MyGov पोर्टल के जरिए ऑनलाइन फोटो कॉन्टेस्ट होगा।
- छात्र गतिविधियां: 15 और 16 अप्रैल को हेरिटेज वॉक, कहानी लेखन, पेंटिंग और संवाद प्रतियोगिताएं होंगी।
- सार्वजनिक भ्रमण: 17 अप्रैल को आम जनता के लिए धरोहर भ्रमण का आयोजन होगा।
- समापन समारोह: 18 अप्रैल को पुरस्कार वितरण और कव्वाली नाइट के साथ कार्यक्रम खत्म होगा।
कहां होंगे कार्यक्रम और कौन हैं शामिल?
यह पूरा उत्सव मुख्य रूप से महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क में आयोजित किया जाएगा। इसमें महरौली क्षेत्र के संरक्षण कार्यों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। DDA ने स्कूलों के बच्चों की भागीदारी बढ़ाने के लिए शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखा है। साथ ही, हेरिटेज वॉक के लिए बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ हेरिटेज रिसर्च एंड मैनेजमेंट (SHRM) का सहयोग लिया गया है।
अधिकारियों ने क्या कहा?
DDA के उपाध्यक्ष एन. सरवाना कुमार ने बताया कि दिल्ली की विरासत एक जीवंत धरोहर है और इसे शहर के भविष्य का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पहल से युवा पीढ़ी का ऐतिहासिक स्थलों के साथ जुड़ाव मजबूत होगा। उनका जोर इस बात पर है कि शहर का विकास करते समय पुरानी विरासतों का संरक्षण और पर्यावरण का ख्याल रखना बहुत जरूरी है।