Delhi: राजधानी के ग्रेटर कैलाश-1 स्थित नेक्स्ट-जेन टॉवर के एक डेटा सेंटर में 5 जून की सुबह भीषण आग लग गई। इस हादसे में करोड़ों रुपये के सर्वर और नेटवर्क उपकरण जलकर खाक हो गए हैं। इस वजह से दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में
Delhi: राजधानी के ग्रेटर कैलाश-1 स्थित नेक्स्ट-जेन टॉवर के एक डेटा सेंटर में 5 जून की सुबह भीषण आग लग गई। इस हादसे में करोड़ों रुपये के सर्वर और नेटवर्क उपकरण जलकर खाक हो गए हैं। इस वजह से दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में इंटरनेट और क्लाउड सेवाओं में रुकावट आई, जिससे आम यूजर्स और कंपनियों को काफी परेशानी हुई।
आग कैसे लगी और कितना हुआ नुकसान?
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक, यह आग शुक्रवार तड़के करीब 2:45 बजे तीसरी मंजिल के बैटरी रूम से शुरू हुई थी। पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला शॉर्ट सर्किट का लग रहा है। आग इतनी भयानक थी कि इसे ‘मेक 4’ कैटेगरी में रखा गया। हालांकि किसी की जान नहीं गई, लेकिन दो फायरफाइटर्स जलने की वजह से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए गए। सर्वर रूम के वीडियो में उपकरण पूरी तरह काले और जले हुए नजर आए हैं।
किन कंपनियों और यूजर्स पर पड़ा असर?
इस आग की वजह से STT GDC डेटा सेंटर के एक हॉल में रखे सर्वर प्रभावित हुए। इसका सीधा असर Google Cloud, Netflix और कई लोकल इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) पर पड़ा। Google Cloud ने बताया कि इमरजेंसी पावर शटडाउन के कारण दिल्ली के नेटवर्क की क्षमता कम हो गई, जिससे दिल्ली, चेन्नई और मुंबई के ग्राहकों को इंटरनेट की धीमी रफ्तार (Latency) और रुकावट का सामना करना पड़ा। कुछ लोकल इंटरनेट कंपनियां अब भी बैकअप सुविधाओं के जरिए काम चला रही हैं, जिससे यूजर्स का अनुभव खराब हो रहा है।
कंपनियों ने अब क्या कदम उठाए हैं?
टाटा कम्युनिकेशंस, जिसने यह जगह लीज पर दी थी, ने कहा कि उन्होंने तुरंत रिकवरी प्रोटोकॉल शुरू कर दिए ताकि सेवाएं बहाल हो सकें। Google Cloud अब ट्रैफिक को दूसरे रास्तों से मोड़ रहा है और नेटवर्क क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। STT GDC ने जानकारी दी कि कुछ ग्राहकों के सर्वर सुरक्षित तरीके से माइग्रेट कर दिए गए हैं। हालांकि, कंपनी ने जले हुए उपकरणों की कुल कीमत बताने से इनकार किया है, लेकिन अनुमान है कि नुकसान सैकड़ों करोड़ों में है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली डेटा सेंटर की आग से इंटरनेट पर क्या असर पड़ा?
Google Cloud और कई लोकल ISPs के सर्वर प्रभावित होने से दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और चेन्नई में इंटरनेट की रफ्तार धीमी हुई और कुछ समय के लिए सेवाएं बाधित रहीं।
आग लगने का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
पुलिस और फायर सर्विस के अनुसार, आग तीसरी मंजिल के बैटरी रूम में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी, जिसने लगभग 200 स्क्वायर फीट के इलाके को प्रभावित किया।