Delhi: दिल्ली पुलिस की बाहरी उत्तर जिला साइबर टीम ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने एक फर्जी कंपनी के जरिए करीब 16 करोड़ रुपये का हेरफेर किया। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किय
Delhi: दिल्ली पुलिस की बाहरी उत्तर जिला साइबर टीम ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने एक फर्जी कंपनी के जरिए करीब 16 करोड़ रुपये का हेरफेर किया। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पैसों के लेन-देन के लिए अपनी पहचान का इस्तेमाल किया था।
कैसे काम करता था यह धोखाधड़ी का नेटवर्क?
पुलिस के मुताबिक, यह गैंग नौकरी का लालच देकर गरीब और भोले-भाले लोगों को फंसाता था। उन्हें कंपनी का डायरेक्टर बनाया जाता था, लेकिन उनके मोबाइल, ईमेल और नेट बैंकिंग का कंट्रोल असली हैंडलर अपने पास रखते थे। देशभर के पीड़ितों से ठगे गए पैसे इन खातों में आते थे, जिन्हें फिर अलग-अलग रास्तों से घुमाकर गायब कर दिया जाता था।
पुलिस को क्या सबूत मिले और कौन गिरफ्तार हुए?
इस मामले में पुलिस ने Sonu Kumar और Aminder Singh को गिरफ्तार किया है, जो Messit Tradex Pvt Ltd नाम की शेल कंपनी के डमी डायरेक्टर थे। जांच में पता चला कि केवल 8 दिनों के भीतर एक ही बैंक खाते से 16 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन हुआ। पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड, फर्जी KYC दस्तावेज और रिमोट कंट्रोल के सबूत जब्त किए हैं।
सावधान रहें और इन बातों का ध्यान रखें
- किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता या KYC दस्तावेज न दें।
- बिना जांच-पड़ताल के किसी भी कंपनी में डायरेक्टर बनने का ऑफर स्वीकार न करें।
- साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस फ्रॉड में किस कंपनी का इस्तेमाल हुआ था?
इस घोटाले में Messit Tradex Pvt Ltd नाम की एक शेल कंपनी का इस्तेमाल किया गया था, जिसका बैंक खाता दिल्ली के बवाना इलाके में था।
साइबर फ्रॉड की शिकायत कहाँ करें?
साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें।