Delhi में पुलिस इंस्पेक्टर बन युवक से की साइबर ठगी, सावधान रहें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के झांसे से
Delhi: राजधानी दिल्ली में साइबर ठगों ने एक बार फिर लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला सामने आया है जहां एक जालसाज ने खुद को दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर बताकर एक युवक से ठगी की। आजकल ठग पुलिस और सरकारी अ
Delhi: राजधानी दिल्ली में साइबर ठगों ने एक बार फिर लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला सामने आया है जहां एक जालसाज ने खुद को दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर बताकर एक युवक से ठगी की। आजकल ठग पुलिस और सरकारी अफसरों का नाम लेकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठ लेते हैं।
दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट और साइबर सेल ने ऐसे कई गिरोहों का पर्दाफाश किया है जो ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लोगों को डराते हैं। हाल ही में जुलाई 2026 में एक गैंग पकड़ा गया जिसने मुंबई ATS, IPS और CBI अधिकारियों के नाम पर लोगों को धमकी दी और उनसे पैसे लिए। इसी तरह एक रिटायर्ड ऑफिसर से भी 11.85 लाख रुपये की ठगी की गई, उन्हें डराया गया कि उन्होंने प्रतिबंधित आयुर्वेदिक दवा मंगवाई है और अब उन्हें हाई कोर्ट में केस और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ेगा।
साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने ‘Operation CyHawk 5.0’ चलाया। इस बड़े अभियान के तहत 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी की गई, जिसमें 916 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 7,189 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। इस ऑपरेशन में करीब 700 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े मामले सामने आए। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 105 लैपटॉप और 757 मोबाइल फोन भी जब्त किए।
सरकार ने साइबर ठगी की रिपोर्टिंग को आसान बनाने के लिए E-Zero FIR सिस्टम शुरू किया है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म उन मामलों के लिए है जहां नुकसान 10 लाख रुपये से ज्यादा हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है और दिसंबर 2026 तक सभी बैंकिंग और सहकारी बैंकों को I4C सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
पुलिस ने आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है कि कोई भी कानून लागू करने वाली एजेंसी फोन कॉल पर पैसे की मांग नहीं करती है। अगर कोई खुद को पुलिस अफसर बताकर पैसे मांगे या ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी दे, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।