Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात अपराधी रवि मलिक उर्फ भूरा को गिरफ्तार कर लिया है। रवि मलिक पिछले आठ सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था और उस पर दिल्ली और उत्तर प्रदेश
Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात अपराधी रवि मलिक उर्फ भूरा को गिरफ्तार कर लिया है। रवि मलिक पिछले आठ सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था और उस पर दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस ने भारी इनाम भी रखा था। यह गिरफ्तारी दिल्ली के रोहिणी इलाके से हुई है। पुलिस काफी समय से इस शातिर बदमाश की तलाश में छापेमारी कर रही थी।
रवि मलिक उर्फ भूरा पर क्यों था इनाम और क्या है इसका पुराना इतिहास?
रवि मलिक उर्फ भूरा अपराध की दुनिया का एक जाना-माना नाम है। वह मुख्य रूप से काला जठेड़ी और संपत नेहरा गैंग के लिए सक्रिय रूप से काम करता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर दिल्ली पुलिस ने 50 हजार रुपये और उत्तर प्रदेश पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह साल 2012 में एक हत्या के प्रयास के मामले में जेल गया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह कोर्ट में पेश होना बंद कर दिया। इसके बाद मई 2018 में रोहिणी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
पुलिस ने किस तरह बिछाया जाल और कैसे हुई यह बड़ी गिरफ्तारी?
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदोरा ने बताया कि पुलिस की टीम काफी समय से इस अपराधी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इंस्पेक्टर सतीश मलिक की टीम को 22 अप्रैल को एक पुख्ता जानकारी मिली कि रवि मलिक रोहिणी के पास आने वाला है। इसके बाद लांसर कॉन्वेंट स्कूल के पास घेराबंदी की गई और 24 अप्रैल 2026 को उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह देहरादून में छिपा हुआ था और वहीं से अपना गैंग चला रहा था।
आरोपी रवि मलिक से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| नाम और पहचान |
रवि मलिक उर्फ भूरा |
| उम्र |
43 वर्ष |
| जुड़े हुए गैंग |
काला जठेड़ी और संपत नेहरा गैंग |
| कुल इनाम राशि |
1.50 लाख रुपये (दिल्ली और यूपी पुलिस) |
| गिरफ्तारी की तारीख |
24 अप्रैल, 2026 |
| अपराध की शुरुआत |
साल 2006 (जमीन विवाद फायरिंग) |
| अंतिम लोकेशन |
देहरादून, उत्तराखंड |