Delhi क्राइम ब्रांच का एक्शन, उम्रकैद की सजा से भागे दो सगे भाई 10 साल बाद गिरफ्तार

Delhi: दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी रनअवे सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने करीब 10 साल से फरार चल रहे दो सगे भाइयों, फिरासत अली और शाहनवाज अली को गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों भाई 1996 के एक हत्या मामले में उ

Delhi: दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी रनअवे सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने करीब 10 साल से फरार चल रहे दो सगे भाइयों, फिरासत अली और शाहनवाज अली को गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों भाई 1996 के एक हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे, लेकिन कानून की पकड़ से बचने के लिए फरार हो गए थे।

डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि फिरासत अली (56) को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से और शाहनवाज अली (51) को झारखंड के गोड्डा से पकड़ा गया है। ये दोनों भाई अपनी पहचान छिपाने के लिए यूपी, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में पुराने कपड़ों का कारोबार कर रहे थे और लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे।

पूरा मामला 1996 का है जब दिल्ली के Rajouri Garden में साड़ी खरीदने को लेकर हुए विवाद में इश्तियाक अहमद उर्फ पप्पू की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। साल 2000 में तिस हजारी कोर्ट ने दोनों भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में उन्हें जमानत मिली, लेकिन 12 मई 2016 को दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी और उन्हें आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। इसके बाद से ही दोनों भाई फरार थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि फरारी के दौरान फिरासत अली ने अपराध की दुनिया में कदम रखा। साल 2006 में उसने मुंबई में 2 लाख रुपये की सुपारी लेकर एक व्यक्ति की हत्या की और पहचान छिपाने के लिए उसके शरीर के टुकड़े कर दिए थे। मुंबई पुलिस ने उसे 2018 में गिरफ्तार किया था, लेकिन 2023 में दिल्ली वाले मामले में दो हफ्ते की फरलो (पैरोल) पर आने के बाद वह फिर से गायब हो गया।

इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी की निगरानी में गठित टीमों ने गुप्त सूचना और लंबी निगरानी के बाद इन दोनों को दबोचा। पुलिस ने अब दोनों भाइयों को तिहाड़ जेल भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। डीसीपी ने कहा कि दिल्ली पुलिस का संदेश साफ है कि अपराधी चाहे कितना भी समय क्यों न बिता ले, वह कानून से बच नहीं सकता।