Delhi: बिजनेसमैन Robert Vadra और उनके करीबियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हरियाणा के शिकोहपुर में हुए एक जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने ED की शिकायत पर संज्ञान लिया है। स्पेशल जज
Delhi: बिजनेसमैन Robert Vadra और उनके करीबियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हरियाणा के शिकोहपुर में हुए एक जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने ED की शिकायत पर संज्ञान लिया है। स्पेशल जज सुशांत चांगोट्रा ने Robert Vadra समेत 9 लोगों और संस्थाओं को समन जारी कर 16 मई को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला और कोर्ट ने क्या कहा?
यह मामला साल 2008 में गुरुग्राम के शिकोहपुर में हुई एक संदिग्ध जमीन डील से जुड़ा है। ED का आरोप है कि Robert Vadra ने फर्जी तरीके से जमीन का सौदा किया और उससे करोड़ों रुपये कमाए। कोर्ट ने दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि मामले को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। बचाव पक्ष ने इस मामले को टालने की कोशिश की थी, लेकिन जज ने इसे खारिज कर दिया और सभी आरोपियों को पेश होने को कहा।
ED के मुख्य आरोप और अब तक की कार्रवाई
ED ने इस पूरे मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| विवरण |
जानकारी |
| कुल ‘अपराध की कमाई’ |
58 करोड़ रुपये |
| कुर्क की गई संपत्ति |
43 अचल संपत्तियां (कीमत 37.64 से 38.69 करोड़ के बीच) |
| संबंधित कंपनियां |
Sky Light Hospitality, Omkareshwar Properties, DLF |
| संभावित सजा |
PMLA की धारा 4 के तहत अधिकतम 7 साल की कड़ी कैद |
| शुरुआती FIR |
सितंबर 2018 में गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज |
Robert Vadra का इस पर क्या कहना है?
Robert Vadra ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनके वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है। वहीं Vadra ने लगातार यह कहा है कि यह पूरा केस उनके और उनके परिवार के खिलाफ एक राजनीतिक साजिश है। अब सबकी नजरें 16 मई को होने वाली कोर्ट सुनवाई पर टिकी हैं।