Delhi: उत्तम नगर में होली के दिन हुए विवाद में एक शख्स को पुलिस ने गलती से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने अब इमरान उर्फ बंटी नाम के इस व्यक्ति को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। Dwarka कोर्ट की जज शिवानी बंसल ने पुलिस की इस
Delhi: उत्तम नगर में होली के दिन हुए विवाद में एक शख्स को पुलिस ने गलती से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने अब इमरान उर्फ बंटी नाम के इस व्यक्ति को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। Dwarka कोर्ट की जज शिवानी बंसल ने पुलिस की इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है क्योंकि पुलिस को मई की शुरुआत में ही पता चल गया था कि गिरफ्तारी गलत हुई है, फिर भी उसे जेल में रखा गया।
गलत पहचान की वजह से कैसे हुई गिरफ्तारी?
यह पूरा मामला 4 मार्च 2026 को उत्तम नगर में हुई होली की झड़प से जुड़ा है, जिसमें तरुण कुमार नाम के 26 साल के युवक की मौत हो गई थी। पुलिस ने गवाहों के बयान के आधार पर 8 मार्च 2026 को इमरान उर्फ बंटी (पिता सफ़ी मोहम्मद) को गिरफ्तार कर लिया। बाद में पता चला कि असली आरोपी एक दूसरा व्यक्ति है, जिसका नाम भी इमरान है और उसके पिता का नाम उमर्दीन है।
कोर्ट ने पुलिस और IO को क्यों फटकारा?
कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी (IO) को 3 मई 2026 को ही यह बात पता चल गई थी कि बंटी को गलती से पकड़ा गया है। इसके बावजूद, चार्जशीट दाखिल करने तक उसे रिहा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। जज शिवानी बंसल ने कहा कि यह बहुत निराशाजनक है कि आरोपी को अवैध हिरासत में रखा गया। कोर्ट ने इस मामले की रिपोर्ट Joint Commissioner of Police को भेजने और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करने का निर्देश दिया है।
केस की अब तक की मुख्य बातें
- 4 मार्च 2026: उत्तम नगर में होली विवाद और तरुण कुमार की मौत।
- 8 मार्च 2026: इमरान उर्फ बंटी की गलत गिरफ्तारी।
- 3 मई 2026: पुलिस को अपनी गलती का पता चला।
- 22 मई 2026: कोर्ट ने बंटी को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया।
- 17 अन्य आरोपी: कोर्ट ने अन्य 17 लोगों के खिलाफ हत्या, मॉब लिंचिंग और SC/ST एक्ट जैसी धाराओं में केस चलाने की मंजूरी दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इमरान उर्फ बंटी को क्यों रिहा किया गया?
कोर्ट ने पाया कि बंटी की गिरफ्तारी गलत पहचान की वजह से हुई थी। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों में उसके खिलाफ कोई सामग्री नहीं मिली, जबकि असली आरोपी कोई और इमरान था।
इस मामले में पुलिस पर क्या आरोप लगे हैं?
पुलिस और जांच अधिकारी पर यह आरोप है कि उन्हें 3 मई को ही पता चल गया था कि गिरफ्तारी गलत है, लेकिन उन्होंने जानबूझकर बंटी को करीब दो महीने तक अवैध हिरासत में रखा।