Delhi: राजधानी दिल्ली की Rouse Avenue कोर्ट ने कपिल मिश्रा और अन्य आरोपियों के खिलाफ दायर एक शिकायत को खारिज कर दिया है। यह मामला साल 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़ा था। कोर्ट ने यह फैसला बुधवार, 29 अ
Delhi: राजधानी दिल्ली की Rouse Avenue कोर्ट ने कपिल मिश्रा और अन्य आरोपियों के खिलाफ दायर एक शिकायत को खारिज कर दिया है। यह मामला साल 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़ा था। कोर्ट ने यह फैसला बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को सुनाया।
शिकायत खारिज होने की मुख्य वजह क्या रही?
कोर्ट ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि शिकायत करने वाले मोहम्मद इलियास कोर्ट की तारीखों पर मौजूद नहीं थे। ACJM अश्वनी पंवार ने पाया कि शिकायतकर्ता बिना किसी ठोस वजह के अनुपस्थित रहे, जिससे केस की कार्यवाही में जानबूझकर देरी हुई। कोर्ट ने शिकायतकर्ता के वकील द्वारा दिए गए विरोधाभासी बयानों पर भी कड़ी नाराजगी जताई।
क्या था पूरा मामला और आरोप?
यमुना विहार के रहने वाले मोहम्मद इलियास ने आरोप लगाया था कि 23 फरवरी 2020 को उन्होंने कपिल मिश्रा और उनके साथियों को करदम पुरी में सड़क जाम करते और रेहड़ी-पटरी वालों के ठेले तोड़ते देखा था। इलियास ने पुलिस से मांग की थी कि इस मामले में FIR दर्ज की जाए। हालांकि, इससे पहले मार्च 2026 में भी कोर्ट ने FIR दर्ज करने की याचिका को कानूनी रूप से गलत बताकर खारिज कर दिया था।
कोर्ट ने पहले क्या आदेश दिए थे?
इस केस में पहले स्पेशल जज विनय सिंह ने नवंबर 2025 में एक मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें आगे की जांच की बात कही गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्पेशल जज का वह फैसला अंतिम था और उसे माना जाना जरूरी है। इसी आधार पर बाद में कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR की मांग को भी नामंजूर कर दिया गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कपिल मिश्रा के खिलाफ शिकायत किसने दर्ज कराई थी?
यह शिकायत यमुना विहार के निवासी मोहम्मद इलियास ने दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने 2020 के दंगों के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ के आरोप लगाए थे।
कोर्ट ने शिकायत को क्यों खारिज किया?
शिकायतकर्ता मोहम्मद इलियास की लगातार अनुपस्थिति और केस चलाने में उनकी रुचि न होने के कारण ACJM अश्वनी पंवार ने इस शिकायत को खारिज कर दिया।