Delhi के NH-24 पर युवा वकील से लूटपाट, कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब और SHO को जांच की निगरानी के आदेश

Delhi: राजधानी दिल्ली के अक्षरधाम इलाके के पास NH-24 पर एक युवा वकील के साथ हुई लूटपाट की घटना ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांग

Delhi: राजधानी दिल्ली के अक्षरधाम इलाके के पास NH-24 पर एक युवा वकील के साथ हुई लूटपाट की घटना ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने संबंधित थाने के SHO को निर्देश दिया है कि वह इस पूरी जांच की खुद निगरानी करें।

यह मामला अधिवक्ता करण मिश्रा से जुड़ा है, जो दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायिक विधि क्लर्क-सह-शोधकर्ता रह चुके हैं। घटना 27 जून की शाम करीब 8 बजे की है, जब करण मिश्रा अपने काम से घर लौट रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया और उनका बैग छीनकर फरार हो गए।

लूटपाट के दौरान उनका लैपटॉप, बार काउंसिल का पहचान पत्र, वकील की मुहर, बटुआ और करीब 2 लाख रुपये की कीमत का अन्य कीमती सामान चोरी हो गया। पीड़ित वकील ने आरोप लगाया कि FIR दर्ज होने के काफी समय बाद भी पुलिस आरोपियों को पकड़ने या सामान बरामद करने में कोई बड़ी कामयाबी नहीं पा सकी है।

करण मिश्रा ने कोर्ट को यह भी बताया कि चोरी हुए लैपटॉप में उनकी संवेदनशील जानकारी थी। घटना के बाद से उन्हें लगातार फिशिंग मैसेज मिल रहे हैं, जिससे अंदेशा है कि लुटेरे उनके डेटा तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अमित राणा की कोर्ट में हुई, जहाँ पीड़ित के वकील भव्य शर्मा, अदिति अजीत सक्सेना, प्रज्ञा जायसवाल और फतेह खन्ना ने दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने अब 1 अगस्त से पहले पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।