Delhi: देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI के दो अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भ्रष्टाचार और साजिश रचने के मामले में दो CBI अधिकारियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने का आदेश दिया है। यह फैसल
Delhi: देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI के दो अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भ्रष्टाचार और साजिश रचने के मामले में दो CBI अधिकारियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम करने का आदेश दिया है। यह फैसला स्पेशल जज अतुल कृष्णा अग्रवाल ने 23 मई 2026 को सुनाया। मामले में कुछ अन्य लोगों को सबूतों की कमी की वजह से बरी कर दिया गया है।
किन अधिकारियों पर लगे हैं आरोप और क्या है मामला
कोर्ट ने DSP R.K. Rishi और SG II अधिकारी Samir Kumar Singh के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में चार्ज तय करने को कहा है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने कुछ निजी लोगों के साथ मिलकर जांच को प्रभावित किया और गोपनीय जानकारी साझा की। R.K. Rishi पर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7, 7A और 8 के साथ-साथ चोरी और आपराधिक साजिश के आरोप लगे हैं। समीर कुमार सिंह पर DSP की इन गलत गतिविधियों में मदद करने का आरोप है।
किन्हें मिली राहत और कोर्ट ने क्या कहा
इस मामले में पूर्व CBI इंस्पेक्टर Kapil Dhanked और एक प्राइवेट कंपनी M/s Frost International Ltd को कोर्ट ने डिस्चार्ज कर दिया है। जज अतुल कृष्णा अग्रवाल ने कहा कि इंस्पेक्टर के खिलाफ सबूत काफी कम थे और आरोप सिर्फ शक पर आधारित थे। कोर्ट ने यह भी पाया कि रिश्वत के पैसों की बरामदगी नहीं हुई है, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर हुआ। साथ ही, पुलिस अधिकारी के सामने दिए गए बयानों को सबूत के तौर पर नहीं माना गया क्योंकि उनकी रिकॉर्डिंग एडिट की गई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किन CBI अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप तय हुए हैं?
कोर्ट ने DSP R.K. Rishi और SG II अधिकारी Samir Kumar Singh के खिलाफ भ्रष्टाचार और साजिश के आरोप तय करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने किन लोगों को इस मामले से बरी किया है?
सबूतों की कमी के कारण पूर्व CBI इंस्पेक्टर Kapil Dhanked और M/s Frost International Ltd नाम की प्राइवेट कंपनी को डिस्चार्ज कर दिया गया है।