Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने कोयला चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में I-PAC के डायरेक्टर Vinesh Chandel को 10 दिनों की ED कस्टडी में भेज दिया है। Vinesh Chandel को सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जिसक
Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने कोयला चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में I-PAC के डायरेक्टर Vinesh Chandel को 10 दिनों की ED कस्टडी में भेज दिया है। Vinesh Chandel को सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मंगलवार तड़के तक चली सुनवाई के बाद उन्हें ED की रिमांड पर भेजने का फैसला सुनाया।
क्या है यह पूरा मामला और ED के आरोप?
यह पूरा मामला नवंबर 2020 में CBI द्वारा दर्ज की गई एक FIR से शुरू हुआ था, जिसमें पश्चिम बंगाल की Eastern Coalfields Limited की खदानों से कोयले की चोरी का आरोप था। ED का कहना है कि इस घोटाले से मिले करोड़ों रुपयों की हेराफेरी की गई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक लगभग 50 करोड़ रुपये की संदिग्ध रकम का पता चला है। ED का आरोप है कि एक हवाला ऑपरेटर के जरिए करोड़ों रुपये Indian PAC Consulting Private Limited को भेजे गए थे।
I-PAC और अन्य लोगों पर क्या कार्रवाई हुई?
ED ने इस मामले में कई जगहों पर छापेमारी की है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
| तारीख |
छापेमारी की जगह/व्यक्ति |
| 8 जनवरी 2026 |
I-PAC ऑफिस और संस्थापक Pratik Jain का कोलकाता निवास |
| 2 अप्रैल 2026 |
Vinesh Chandel, Rishi Raj Singh और विजय नायर के ठिकाने |
ED का यह भी दावा है कि जनवरी में जब छापेमारी हुई, तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसमें बाधा डाली और जरूरी दस्तावेज व गैजेट्स अपने पास रख लिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और कोर्ट की अगली सुनवाई
TMC के अभिषेक बनर्जी ने इस गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (23 और 29 अप्रैल) से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई करना चिंताजनक है। वहीं, I-PAC के अन्य डायरेक्टर Rishi Raj Singh और Pratik Jain ने ED के समन को रद्द करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई है, जिस पर अगली सुनवाई 17 अप्रैल 2026 को होगी।