Delhi की पटियाला हाउस कोर्ट से खुर्रम परवेज़ और इरफ़ान मेराज को ज़मानत, टेरर फंडिंग मामले में मिली राहत

Delhi: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक बड़े फैसले में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट खुर्रम परवेज़ और कश्मीरी पत्रकार इरफ़ान मेराज को ज़मानत दे दी है। यह मामला अक्टूबर 2020 में NIA द्वारा दर्ज किए गए NGO टेरर फंडिंग केस से

Delhi: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक बड़े फैसले में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट खुर्रम परवेज़ और कश्मीरी पत्रकार इरफ़ान मेराज को ज़मानत दे दी है। यह मामला अक्टूबर 2020 में NIA द्वारा दर्ज किए गए NGO टेरर फंडिंग केस से जुड़ा है। इस आदेश के बाद अब खुर्रम परवेज़ की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है क्योंकि उन्हें एक अन्य मामले में भी पहले ही ज़मानत मिल चुकी थी।

प्रिंसिपल और सेशन जज पीतांबर दत्त ने 18 जुलाई 2026 को यह ज़मानत आदेश पारित किया। कोर्ट ने ज़मानत देते समय मामले में हुई देरी और अन्य कानूनी दलीलों पर गौर किया। खुर्रम परवेज़ को नवंबर 2021 में एक अलग मामले में गिरफ्तार किया गया था, जबकि इरफ़ान मेराज को मार्च 2023 में इस मौजूदा केस में पकड़ा गया था। इससे पहले जून 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने खुर्रम परवेज़ को एक अन्य UAPA मामले में ज़मानत दी थी, जिसमें कोर्ट ने उनकी शारीरिक अक्षमता और लंबी हिरासत का हवाला दिया था।

NIA ने इन दोनों पर आरोप लगाया था कि वे जम्मू-कश्मीर कोएलिशन ऑफ सिविल सोसाइटी (JKCCS) जैसे संगठनों के जरिए चैरिटी की आड़ में पैसा जुटा रहे थे। एजेंसी का दावा था कि इस पैसे का इस्तेमाल लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और हिज़्बुल मुजाहिदीन (HM) जैसे प्रतिबंधित संगठनों की मदद के लिए किया गया। खुर्रम परवेज़ पर LeT के लिए वर्कर भर्ती करने और पाकिस्तान स्थित हैंडलर से संपर्क कराने के आरोप भी थे।

कोर्ट ने ज़मानत के साथ कुछ कड़ी शर्तें भी रखी हैं। आरोपियों को 2 लाख रुपये का व्यक्तिगत मुचलका और दो ज़मानतदार पेश करने होंगे। साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट सरेंडर करना होगा और कोर्ट की इजाजत के बिना दिल्ली से बाहर नहीं जाना होगा। उन्हें जांच अधिकारियों के सामने पेश होना पड़ेगा और इस मामले में कोई सार्वजनिक बयान देने या राष्ट्र-विरोधी सामग्री फैलाने की अनुमति नहीं होगी।