Delhi: पटियाला हाउस कोर्ट ने गैंगस्टर Lawrence Bishnoi और उनके 19 साथियों के खिलाफ सख्त MCOCA कानून के तहत आरोप तय किए हैं। मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को एडिशनल सेशन जज प्रशांत शर्मा ने यह फैसला सुनाया। पुलिस का आरोप है कि
Delhi: पटियाला हाउस कोर्ट ने गैंगस्टर Lawrence Bishnoi और उनके 19 साथियों के खिलाफ सख्त MCOCA कानून के तहत आरोप तय किए हैं। मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को एडिशनल सेशन जज प्रशांत शर्मा ने यह फैसला सुनाया। पुलिस का आरोप है कि ये लोग एक संगठित गिरोह चला रहे थे, जिससे अब इनका पूरा ट्रायल शुरू होगा।
Lawrence Bishnoi पर कौन सी धाराएं लगी हैं?
कोर्ट ने Lawrence Bishnoi और अन्य आरोपियों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) की धारा 3 और 4 के तहत आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही उन पर Arms Act और Explosives Act की धाराएं भी लगी हैं। MCOCA की धारा 3 संगठित अपराध की सजा के लिए है, जबकि धारा 4 अपराध की कमाई से बनाई गई बेहिसाब संपत्ति से जुड़ी है।
गैंग कैसे काम करता था और कहां तक फैला था नेटवर्क?
Delhi Police Special Cell के मुताबिक, यह गिरोह जेल के अंदर से ही पूरा नेटवर्क चला रहा था। इनका मुख्य मकसद पैसों के लिए डराना-धमकाना और वसूली करना था। यह सिंडिकेट कई राज्यों में सक्रिय था, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
| प्रभावित क्षेत्र/राज्य |
किए गए कथित अपराध |
| Delhi, Haryana, Rajasthan, Punjab, UP |
वसूली (Extortion), हत्या, किडनैपिंग, डराना-धमकाना और हमला |
| Thailand, Canada, USA |
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैंग के सदस्यों से तालमेल |
जेल के अंदर से कैसे चलता था कामकाज?
पुलिस जांच में सामने आया कि जेल में बंद गैंग सदस्यों के पास कई मोबाइल फोन थे। इन फोन के जरिए वे बाहर के साथियों और विदेशों में बैठे लोगों से बात करते थे और आपराधिक साजिशें रचते थे। दिल्ली पुलिस की तरफ से वकील अखंड प्रताप सिंह ने कोर्ट में पक्ष रखा और बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, जिसके बाद कोर्ट ने ट्रायल चलाने का आदेश दिया।