Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को शादी का झूठा वादा करके महिला के साथ बार-बार रेप करने का दोषी पाया है। कोर्ट ने माना कि आरोपी ने अपनी हवस मिटाने के लिए शादी का झांसा दिया था। जज ने साफ किया कि अगर सहमति धोखे या
Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को शादी का झूठा वादा करके महिला के साथ बार-बार रेप करने का दोषी पाया है। कोर्ट ने माना कि आरोपी ने अपनी हवस मिटाने के लिए शादी का झांसा दिया था। जज ने साफ किया कि अगर सहमति धोखे या गलत वादे के आधार पर ली गई है, तो उसे कानूनी तौर पर सही नहीं माना जा सकता।
क्या था पूरा मामला और कब हुई घटना
यह मामला साल 2016 से 2018 के बीच का है। आरोपी Mohit Rajpal ने पीड़िता को शादी का भरोसा दिलाकर अपने जाल में फंसाया था। इसी भरोसे के कारण महिला ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में पता चला कि आरोपी की नीयत शादी करने की नहीं थी, बल्कि वह सिर्फ अपना मतलब निकालना चाहता था।
कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया और कौन सी धाराएं लगीं
Additional Sessions Judge Kapil Kumar ने 9 अप्रैल 2026 को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने शुरू से ही धोखे की नीयत से वादा किया था। इस मामले में आरोपी को IPC की इन धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है:
- धारा 376 (रेप)
- धारा 377
- धारा 313
- धारा 506
कानूनी तौर पर सहमति का क्या मतलब है
कोर्ट ने इस फैसले में एक अहम बात कही कि यौन अपराध के मामलों में अगर पीड़िता की गवाही भरोसेमंद और सच्ची है, तो सिर्फ उसी के आधार पर सजा दी जा सकती है। जज ने यह भी स्पष्ट किया कि शादी के झूठे वादे पर दी गई सहमति ‘फ्री कंसेंट’ नहीं होती, इसलिए इसे बलात्कार माना जाएगा।