Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने 26 साल पहले एक IRS अफसर के घर गलत तरीके से छापा मारने के मामले में CBI के जॉइंट डायरेक्टर और एक रिटायर्ड ACP को दोषी ठहराया है। यह मामला साल 2000 का है जब इन अधिकारियों ने अपनी शक्तियों का गल
Delhi: दिल्ली की एक अदालत ने 26 साल पहले एक IRS अफसर के घर गलत तरीके से छापा मारने के मामले में CBI के जॉइंट डायरेक्टर और एक रिटायर्ड ACP को दोषी ठहराया है। यह मामला साल 2000 का है जब इन अधिकारियों ने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया था। कोर्ट ने अब इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है और सजा की तारीख तय कर दी है।
कौन हैं दोषी अधिकारी और क्या है पूरा मामला?
अदालत ने CBI के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर Ramnish Geer और दिल्ली के रिटायर्ड ACP V K Pandey को दोषी पाया है। Ramnish Geer 1994 बैच के IPS अधिकारी हैं और उन्हें 2022 में राष्ट्रपति पुलिस पदक भी मिला था। साल 2000 में जब यह घटना हुई थी, तब वे CBI में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट थे, जबकि V K Pandey इंस्पेक्टर के पद पर थे। इन दोनों ने मिलकर IRS अधिकारी Ashok Kumar Aggarwal के घर पर छापा मारा था।
कोर्ट ने क्या पाया और कौन सी धाराएं लगीं?
Tis Hazari Court के मजिस्ट्रेट Shashank Nandan Bhatt ने पाया कि अधिकारियों ने बिना किसी ठोस वजह के घर का मुख्य दरवाजा तोड़ा और अंदर घुसे। कोर्ट ने इसे कानून का उल्लंघन और व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने की कोशिश बताया। दोषी अधिकारियों पर निम्नलिखित धाराएं लगाई गई हैं:
- धारा 323: मारपीट करना
- धारा 427: नुकसान पहुँचाना (Mischief)
- धारा 448: आपराधिक अतिचार (Criminal Trespass)
- धारा 34: साझा इरादा
पीड़ित अफसर को क्या परेशानी हुई और अब आगे क्या होगा?
IRS अफसर Ashok Kumar Aggarwal उस समय प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डिप्टी डायरेक्टर थे। कोर्ट ने नोट किया कि गिरफ्तारी के दौरान उनके हाथ पर चोट आई थी, जिसका अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। यह छापा एक CAT ऑर्डर को नजरअंदाज करने के लिए मारा गया था। अब कोर्ट 27 अप्रैल 2026 को इन दोनों दोषियों की सजा तय करेगा।