Delhi: पूर्व कांग्रेस MLA और महिला कांग्रेस की चीफ Alka Lamba को दिल्ली की एक अदालत ने दोषी ठहराया है। यह मामला जुलाई 2024 में जंतर मंतर पर महिलाओं के आरक्षण की मांग को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। कोर्ट ने सो
Delhi: पूर्व कांग्रेस MLA और महिला कांग्रेस की चीफ Alka Lamba को दिल्ली की एक अदालत ने दोषी ठहराया है। यह मामला जुलाई 2024 में जंतर मंतर पर महिलाओं के आरक्षण की मांग को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। कोर्ट ने सोमवार, 25 मई 2026 को यह फैसला सुनाया। अब कोर्ट 4 या 5 जून 2026 को उनकी सजा पर बहस सुनेगा।
अलका लंबा पर क्या आरोप लगे थे?
पुलिस के मुताबिक, 2024 के उस प्रदर्शन के दौरान इलाके में धारा 163 (BNSS) के तहत पाबंदियां लागू थीं। प्रशासन ने संसद की तरफ मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी थी। आरोप है कि Alka Lamba और अन्य प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों को धक्का दिया, बैरिकेड्स तोड़े और सड़क जाम की, जिससे आम जनता और सरकारी काम में बाधा आई। इस मामले में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी।
कोर्ट ने किन धाराओं में किया दोषी करार?
Additional Chief Judicial Magistrate (ACJM) Ashwani Panwar ने उन्हें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं में दोषी पाया। इनमें सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए हमला करना (धारा 132), सरकारी काम में बाधा डालना (धारा 221), आदेश की अवहेलना करना (धारा 223a) और सार्वजनिक रास्ते में बाधा डालना (धारा 285) शामिल हैं। इससे पहले Special Judge Dig Vinay Singh ने उनकी रिविजन याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि आरोपों को तय करने में कोई कानूनी गलती नहीं थी।
अलका लंबा का इस पूरे मामले पर क्या कहना है?
Alka Lamba ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताया है। उनका कहना है कि महिलाओं के आरक्षण और सुरक्षा की मांग करना एक संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने इस मामले की FIR को रद्द करने के लिए Delhi High Court में याचिका भी दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अलका लंबा को किस मामले में दोषी पाया गया है?
जुलाई 2024 में जंतर मंतर पर महिलाओं के आरक्षण के लिए किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों के काम में बाधा डालने और पाबंदियों के उल्लंघन के मामले में उन्हें दोषी पाया गया है।
उनकी सजा का फैसला कब आएगा?
दिल्ली की अदालत में सजा को लेकर बहस 4 जून या 5 जून 2026 को होनी तय हुई है।