Delhi: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए अब कमर्शियल गाड़ियों को भारी कीमत चुकानी होगी। Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने Environmental Compensation Charge (ECC) यानी पर्यावरण उपकर में बड़ी बढ़ोतरी की है। नए
Delhi: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए अब कमर्शियल गाड़ियों को भारी कीमत चुकानी होगी। Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने Environmental Compensation Charge (ECC) यानी पर्यावरण उपकर में बड़ी बढ़ोतरी की है। नए रेट 19 अप्रैल 2026 से लागू हो चुके हैं, जिससे अब ट्रकों और भारी वाहनों का दिल्ली में प्रवेश महंगा हो गया है।
नए टैक्स रेट क्या हैं और कितनी हुई बढ़ोतरी?
MCD ने अलग-अलग वाहनों के लिए टैक्स की दरों में 42% से 53% तक का इजाफा किया है। इसका मकसद उन गाड़ियों को रोकना है जो प्रदूषण फैलाती हैं या सिर्फ दिल्ली के रास्तों का इस्तेमाल करके दूसरे राज्यों में जाती हैं। टैक्स की नई दरें इस प्रकार हैं:
| वाहन का प्रकार |
पुराना रेट |
नया रेट |
बढ़ोतरी |
| Light Commercial Vehicles (LCV) और दो-एक्सल ट्रक |
₹1,400 |
₹2,000 |
लगभग 42.8% |
| तीन-एक्सल और मल्टी-एक्सल ट्रक |
₹2,600 |
₹4,000 |
लगभग 53% |
यह फैसला क्यों लिया गया और कौन से नियम बदले?
यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उठाया गया है। कोर्ट ने 12 मार्च 2026 को इस बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब जरूरी सामान (essential commodities) ले जाने वाले वाहनों को मिलने वाली छूट खत्म कर दी गई है, जो करीब 10 साल से लागू थी। अब हर कमर्शियल वाहन को यह टैक्स देना होगा। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2027 से हर साल इस टैक्स में 5% की बढ़ोतरी भी की जाएगी।
आम जनता और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर क्या होगा असर?
MCD के अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले का मकसद कमाई करना नहीं बल्कि प्रदूषण कम करना है। इस पैसे का इस्तेमाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट और पैदल चलने वालों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में होगा। हालांकि, All India Motor and Goods Transport Association के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने इसे ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका बताया है। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ने से सामान महंगा होगा, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा और महंगाई बढ़ेगी।