Delhi: राजधानी दिल्ली में अब कमर्शियल गाड़ियों का प्रवेश महंगा हो गया है। दिल्ली सरकार ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) में बढ़ोतरी कर दी है, जिसकी अधिसूचना 29 अप्रैल 2026 को जारी की गई। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्
Delhi: राजधानी दिल्ली में अब कमर्शियल गाड़ियों का प्रवेश महंगा हो गया है। दिल्ली सरकार ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) में बढ़ोतरी कर दी है, जिसकी अधिसूचना 29 अप्रैल 2026 को जारी की गई। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की सिफारिशों के बाद लिया गया है ताकि शहर में प्रदूषण फैलाने वाले भारी वाहनों की संख्या कम की जा सके।
नई फीस संरचना क्या है?
दिल्ली सरकार ने अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए शुल्क में बदलाव किया है। अब हल्के कमर्शियल वाहनों और भारी ट्रकों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसा देना होगा। नई दरें इस प्रकार हैं:
| वाहन की श्रेणी |
पुरानी फीस |
नई फीस |
| श्रेणी 2 (हल्के वाहन) और श्रेणी 3 (दो-एक्सल ट्रक) |
1,400 रुपये |
2,000 रुपये |
| श्रेणी 4 (तीन-एक्सल) और श्रेणी 5 (चार-एक्सल या उससे ऊपर) |
2,600 रुपये |
4,000 रुपये |
यह फैसला क्यों लिया गया और इसका क्या असर होगा?
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि यह कदम दिल्ली की हवा को साफ करने की लड़ाई का हिस्सा है। इसका मकसद डीजल और अन्य प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को दिल्ली में अनावश्यक रूप से आने से रोकना है। सरकार ने यह भी तय किया है कि हर साल अप्रैल में इस शुल्क में 5% की बढ़ोतरी की जाएगी ताकि ट्रांसपोर्टर धीरे-धीरे स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों का इस्तेमाल शुरू करें।
कौन सी गाड़ियां इस शुल्क से बच सकती हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि जो वाहन जरूरी सामान और सेवाएं ले जा रहे हैं, उन्हें छूट मिलेगी। इसके अलावा, जिन भारी वाहनों को शहर के अंदर जाने की जरूरत नहीं है, उन्हें पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। ऐसा करने से वे इस बढ़े हुए ECC शुल्क के भुगतान से बच सकेंगे और शहर के अंदर ट्रैफिक और प्रदूषण भी कम होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में ECC शुल्क में बढ़ोतरी कब से लागू हुई?
सुप्रीम कोर्ट ने 12 मार्च 2026 को मंजूरी दी थी और नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुई हैं। सरकार ने इसे 29 अप्रैल 2026 को अधिसूचित किया।
क्या हर साल यह फीस बढ़ेगी?
हाँ, नियमों के मुताबिक मुद्रास्फीति और प्रदूषण नियंत्रण को देखते हुए हर साल अप्रैल में ECC शुल्क में 5% की वार्षिक वृद्धि अनिवार्य की गई है।