Delhi: दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है जिससे होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों की जेब पर असर पड़ेगा। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव की वजह से यह फैसला लिया गया है
Delhi: दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है जिससे होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों की जेब पर असर पड़ेगा। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव की वजह से यह फैसला लिया गया है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह स्थिर बनी हुई है।
कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर के ताजा दाम क्या हैं?
दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत अब ₹2,078.50 हो गई है। अप्रैल महीने में इसमें लगभग ₹195.50 की बढ़ोतरी देखी गई। वहीं, आम जनता के लिए 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत ₹913 पर स्थिर है, जिसमें मार्च 2026 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है।
| सिलेंडर का प्रकार |
ताजा कीमत (Delhi) |
स्थिति |
| घरेलू (14.2 kg) |
₹913.00 |
स्थिर |
| कमर्शियल (19 kg) |
₹2,078.50 |
महंगा |
कीमतें क्यों बढ़ीं और आम आदमी पर क्या होगा असर?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में 44% की तेजी आई है, जिससे कीमतें बढ़ीं। Strait of Hormuz में तनाव की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर दिल्ली के ढाबों और रेस्टोरेंट्स पर पड़ रहा है, जहाँ कुछ जगहों पर खाने की कीमतों में 15-20% तक की बढ़ोतरी की खबरें हैं। कुछ छोटे eatery संचालक ब्लैक मार्केट से ₹4,000 से ₹4,500 तक में सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं।
सरकार और प्रशासन का इस पर क्या कहना है?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि शहर में गैस की सप्लाई सुचारू रूप से चल रही है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने नागरिकों से पैनिक बाइंग न करने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि घरेलू LPG, PNG और CNG की 100% सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। कमर्शियल सेक्टर के लिए सप्लाई को संकट से पहले के स्तर के 70% तक बढ़ा दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़े हैं?
नहीं, दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹913 पर स्थिर है और इसमें मार्च 2026 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
पश्चिम एशिया युद्ध और ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उतार-चढ़ाव के कारण सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में 44% की वृद्धि हुई है, जिससे कीमतें बढ़ी हैं।