Delhi के 923 कोचिंग सेंटरों का होगा फायर ऑडिट, लखनऊ अग्निकांड के बाद सरकार सख्त, फेल हुए तो होंगे सील

Delhi: राजधानी दिल्ली में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लखनऊ में हुए अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी, उसके बाद दिल्ली सरकार अब यहां के कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी की जांच कराए

Delhi: राजधानी दिल्ली में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लखनऊ में हुए अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी, उसके बाद दिल्ली सरकार अब यहां के कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी की जांच कराएगी। अगले एक महीने के भीतर करीब 923 से 924 कोचिंग सेंटरों का फायर ऑडिट और सुरक्षा निरीक्षण किया जाएगा।

दिल्ली के शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने साफ किया है कि जो भी कोचिंग संस्थान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगे या जिनके पास जरूरी कागजात नहीं होंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे सेंटरों को सील भी किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। MCD को निर्देश दिए गए हैं कि वह अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर एक महीने में यह काम पूरा करे और इसकी डेली रिपोर्ट मंत्री कार्यालय को भेजे।

इस निरीक्षण अभियान में दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमें भी शामिल होंगी। खासकर मुखर्जी नगर और ओल्ड राजेंद्र नगर जैसे इलाकों में, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं, वहां अग्नि और भवन सुरक्षा को लेकर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने पहले ही कुछ इमारतों में पांचवीं और छठी मंजिल पर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की है और कई संपत्तियों को सील किया है।

साथ ही, कोचिंग सेंटरों के लिए नए नियम और कानून बनाने की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए गौबा कमेटी की सिफारिशों के आधार पर एक समिति बनाई गई है, जिसकी बैठक बुलाई जा चुकी है। उच्च शिक्षा विभाग की इस समिति की रिपोर्ट के बाद जल्द ही एक नया कानून आएगा। इस कानून में कोचिंग सेंटरों की फीस, उनके संचालन के तरीके और अन्य जरूरी नियमों को शामिल किया जाएगा ताकि छात्रों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित हो सके।