Delhi में छात्र विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का पहला बयान, जंतर-मंतर पर तनाव के बीच 16 मेट्रो स्टेशन बंद
Delhi: राजधानी दिल्ली में NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर चल रहा छात्र विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। इस मामले पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने
Delhi: राजधानी दिल्ली में NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर चल रहा छात्र विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। इस मामले पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छात्रों के हितों की रक्षा करना और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने पेपर लीक मामलों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित फास्ट-ट्रैक कोर्ट के फैसले का समर्थन भी किया है।
यह प्रदर्शन कॉकरीच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर चल रहा है, जिसे 23 जुलाई 2026 तक 34 दिन हो चुके हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनके 26 दिन पूरे हो गए हैं। वांगचुक ने कहा है कि अगर सरकार ‘चलो संसद’ प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने का भरोसा देती है, तो वह अपनी हड़ताल खत्म कर देंगे।
बुधवार रात को मध्य दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस तनाव को देखते हुए गुरुवार 23 जुलाई को सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और ITO समेत दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए। पुलिस ने जंतर-मंतर से प्रदर्शन मंच और टेंट हटा दिए हैं और पूरे इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर के पास इंटरनेट बंद कर दिया गया है। उन्होंने साफ किया कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, विरोध जारी रहेगा। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक को घोर पाप बताया और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। विपक्षी नेताओं में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। केजरीवाल ने मेट्रो स्टेशन बंद करने की आलोचना करते हुए कहा कि इससे आंदोलन और मजबूत होगा, जबकि राजनाथ सिंह ने छात्रों को राजनीतिक मोहरा बनाने की निंदा की है।