Delhi: दिल्ली में बारिश के मौसम में होने वाले जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से बचने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने गुरुवार को एक बड़ी मीटिंग की और साफ कहा कि अब काम में देरी के लिए कोई जगह नहीं है।
Delhi: दिल्ली में बारिश के मौसम में होने वाले जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से बचने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने गुरुवार को एक बड़ी मीटिंग की और साफ कहा कि अब काम में देरी के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने सभी विभागों को 30 जून तक नालों की सफाई (desilting) का काम पूरा करने का सख्त आदेश दिया है ताकि आम जनता को बारिश में परेशानी न हो।
नालों की सफाई और तैयारियों को लेकर क्या हैं मुख्य निर्देश?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जलभराव को रोकने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि नालों से निकाली गई गाद और कचरे को तुरंत तय जगहों पर भेजा जाए। CM ने चेतावनी दी है कि अगर किसी विभाग ने लापरवाही बरती या एक-दूसरे पर दोष मढ़ा, तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अब ऐसे सिस्टम की जरूरत है जिससे पानी निकालने के लिए पंपों पर निर्भरता कम हो सके।
Yamuna की सफाई और बजट का क्या है प्लान?
दिल्ली सरकार ने पर्यावरण और यमुना नदी की सफाई के लिए 2026-27 के Green Budget में 22,236 करोड़ रुपये रखे हैं। हाल ही में LG Taranjit Singh Sandhu और CM रेखा गुप्ता ने मिलकर Vasudev और Yamuna Bazar Ghat का निरीक्षण किया। LG ने कहा कि यमुना को साफ करना प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की प्राथमिकता है, इसलिए इसे मिशन मोड में पूरा करना होगा।
तैयारियों से जुड़ी जरूरी जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| सफाई की अंतिम तारीख |
30 जून 2026 |
| Green Budget आवंटन |
22,236 करोड़ रुपये |
| NGT की रिपोर्ट |
1 अप्रैल तक 30.4% नालों की सफाई हुई |
| MCD का लक्ष्य |
800 गहरे नालों से 2.2 लाख मीट्रिक टन गाद निकालना |
| MCD डेडलाइन |
15 जून 2026 |
| सफल उदाहरण |
Minto Road (जलभराव प्रबंधन) |