Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने शहर में मूर्तियों के सम्मानजनक रीसाइक्लिंग के लिए समर्पित सेंटर खोलने का ऐलान किया है। इस कदम का मकसद दिल्ली को साफ और सांस्कृतिक रूप से जागरूक बनाना है। मुख्यमंत्री ने इस पहल
Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने शहर में मूर्तियों के सम्मानजनक रीसाइक्लिंग के लिए समर्पित सेंटर खोलने का ऐलान किया है। इस कदम का मकसद दिल्ली को साफ और सांस्कृतिक रूप से जागरूक बनाना है। मुख्यमंत्री ने इस पहल में आम जनता की मदद मांगी है और लोगों से इन सेंटर्स के लिए सही जगह के सुझाव देने को कहा है।
मूर्तियों के रीसाइक्लिंग सेंटर क्यों खोले जा रहे हैं?
यह पहल ‘Viksit Delhi’ विजन का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य शहर में कचरा प्रबंधन और पर्यावरण की सुरक्षा करना है। अक्सर त्योहारों के बाद मूर्तियां नदियों या जल निकायों में विसर्जित की जाती हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता है। अब इन सेंटर्स के जरिए आस्था का सम्मान करते हुए मूर्तियों का जिम्मेदारी से निपटारा किया जाएगा।
NGT और DPCC के नियमों का क्या है असर?
National Green Tribunal (NGT) और Delhi Pollution Control Committee (DPCC) ने नदियों और अन्य जल निकायों में मूर्तियों और पूजा सामग्री के विसर्जन पर रोक लगा रखी है। DPCC के नियमों के मुताबिक, मूर्तियों के लिए प्राकृतिक मिट्टी और बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग करना जरूरी है। अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे 50,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
पर्यावरण सुरक्षा के लिए अन्य कदम
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने 19 मई 2026 को ‘Metro Monday’ पहल की शुरुआत की। इसके तहत लोगों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और ईंधन बचाने के लिए प्रेरित किया गया। यह ‘Mera Bharat, Mera Yogdan’ अभियान का हिस्सा है, जो जिम्मेदार जीवनशैली के जरिए पर्यावरण की रक्षा करने पर जोर देता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मूर्तियों के विसर्जन के नियमों का उल्लंघन करने पर क्या जुर्माना है?
DPCC के नियमों के अनुसार, निर्धारित स्थलों के अलावा अन्य जल निकायों में मूर्तियों का विसर्जन करने पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
Viksit Delhi पहल के तहत क्या बदलाव किए जा रहे हैं?
इस विजन के तहत मूर्तियों के रीसाइक्लिंग सेंटर खोले जा रहे हैं और ऑर्गेनिक कचरे का उपयोग करके शहर को एक सस्टेनेबल बायोइकोनॉमी की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही है।