Delhi: मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित एक हस्ताक्षर अभियान के जरिए शासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की अधिक भागीदारी की वकालत की। शुक्रवार 10 अप्रैल 2026 को हुए इस कार्यक्रम में नार
Delhi: मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित एक हस्ताक्षर अभियान के जरिए शासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की अधिक भागीदारी की वकालत की। शुक्रवार 10 अप्रैल 2026 को हुए इस कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति समर्थन जुटाने के लिए भारी संख्या में छात्र और शिक्षक जमा हुए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार के प्रयासों की सराहना की और इसे समाज की प्रगति के लिए जरूरी बताया।
शासन में महिलाओं की भूमिका पर क्या बोलीं मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने शासन और नीति निर्धारण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि असली बदलाव तभी संभव है जब महिलाएं निर्णय लेने वाले पदों पर बैठेंगी। इस मौके पर उन्होंने ‘लखपति बिटिया’ और ‘अनमोल’ जैसी दिल्ली सरकार की योजनाओं का उदाहरण दिया जो महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi का आभार जताते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को एक ऐतिहासिक कदम बताया जो ‘बेटी बचाओ’ के अभियान को ‘बेटी बढ़ाओ’ की दिशा में ले जाता है।
DU कार्यक्रम और कानून से जुड़ी मुख्य बातें
दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्ट्स फैकल्टी में हुए इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री Dr. Atishi भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि महिलाओं के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग 1931 के दौर से चली आ रही है और अब इस कानून को जमीन पर उतारना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से इस पहल को एक जन आंदोलन बनाने की अपील की।
| कार्यक्रम की तारीख |
10 अप्रैल 2026 |
| स्थान |
आर्ट्स फैकल्टी, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) |
| प्रमुख कानून |
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 |
| अगला कदम |
16 अप्रैल 2026 को संसद में संशोधनों पर चर्चा होगी |
संसद का बजट सत्र 16 अप्रैल 2026 को दोबारा शुरू होने वाला है जिसमें इस अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में छात्रों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लेकर अपना समर्थन जताया। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत तभी दिखेगी जब निर्णय लेने में सबकी बराबर की हिस्सेदारी होगी।