Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री Rekha Gupta पर हुए हमले के मामले में एक बहुत ही महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपियों की उस दलील को गंभीरता से लिया जिसमें आरोपों को हल्का करने
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री Rekha Gupta पर हुए हमले के मामले में एक बहुत ही महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपियों की उस दलील को गंभीरता से लिया जिसमें आरोपों को हल्का करने की कोशिश की जा रही थी। जस्टिस Anup Jairam Bhambhani ने साफ तौर पर कहा कि यह मामला उतना सीधा नहीं है जितना वकील बता रहे हैं, क्योंकि गले की नस (jugular vein) पर थोड़ा सा भी दबाव किसी की जान लेने के लिए काफी होता है। कोर्ट दो आरोपियों द्वारा दायर उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उन पर तय हुए आरोपों को चुनौती दी गई है।
इस हमले से जुड़ी अहम तारीखें और पूरा घटनाक्रम क्या है?
इस केस की शुरुआत साल 2025 में हुई थी और तब से अब तक इसमें कई कानूनी मोड़ आ चुके हैं। घटनाक्रम को आप नीचे दी गई टेबल से आसानी से समझ सकते हैं:
| तारीख |
क्या हुआ |
| 20 अगस्त 2025 |
मुख्यमंत्री आवास पर जनसुनवाई के दौरान हमला हुआ |
| 18 अक्टूबर 2025 |
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की |
| 20 दिसंबर 2025 |
कोर्ट ने हत्या के प्रयास की धाराएं लगाने का आदेश दिया |
| 26 दिसंबर 2025 |
आरोपी राजेशभाई और तहसीन पर औपचारिक आरोप तय हुए |
| 10 अप्रैल 2026 |
हाई कोर्ट में रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई हुई |
कोर्ट में वकीलों ने क्या सफाई दी और पुलिस का क्या कहना है?
आरोपी Rajeshbhai Khimjibhai Sakariya और Tehsin Raza Sheikh के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि उनके खिलाफ हत्या की साजिश का कोई ठोस सबूत नहीं है। वकील Harry Chibber और Siddhant Malik का कहना था कि तहसीन तो घटना के वक्त वहां मौजूद भी नहीं था और उसे सिर्फ 2,000 रुपये के लेन-देन के आधार पर फंसाया गया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों के बीच कॉल रिकॉर्ड्स, लोकेशन शेयरिंग और हमले से पहले सीएम आवास के वीडियो साझा करने के पुख्ता सबूत मिले हैं।
अब आगे इस केस में क्या होने वाला है?
- जस्टिस भंबानी ने दिल्ली पुलिस और बचाव पक्ष दोनों को सोमवार 13 अप्रैल 2026 तक संक्षिप्त नोट जमा करने का आदेश दिया है।
- इस मामले की अगली सुनवाई अब 15 अप्रैल को होगी।
- चूंकि यह मामला दिल्ली की मुख्यमंत्री से जुड़ा है, इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया है कि इसकी कार्यवाही ‘इन कैमरा’ यानी बंद कमरे में होगी।
- निचली अदालत पहले ही कह चुकी है कि आरोपियों ने जानबूझकर मुख्यमंत्री की हत्या के इरादे से यह साजिश रची थी।
- आरोपी राजेशभाई ने खुद को कुत्ता प्रेमी बताकर बचाव की कोशिश की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।