Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार, 19 मई 2026 को एक खास सरकारी अभियान की घोषणा की है। इस मुहिम के तहत शहर में टूटी या क्षतिग्रस्त मूर्तियों को रीसाइकिल किया जाएगा। इसका मुख्य मकसद यमुना नदी और अन्य जलाश
Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार, 19 मई 2026 को एक खास सरकारी अभियान की घोषणा की है। इस मुहिम के तहत शहर में टूटी या क्षतिग्रस्त मूर्तियों को रीसाइकिल किया जाएगा। इसका मुख्य मकसद यमुना नदी और अन्य जलाशयों को प्रदूषण से बचाना है ताकि लोग मूर्तियों के विसर्जन के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक विकल्प पा सकें।
मूर्तियों के लिए बनेंगे समर्पित केंद्र और जनता से मांगे सुझाव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार पूजनीय मूर्तियों को सम्मान के साथ रीसाइकिल करने के लिए अलग से सेंटर शुरू करेगी। उन्होंने इसे एक स्वच्छ और सांस्कृतिक रूप से जागरूक दिल्ली बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम बताया है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के लोगों से यह सुझाव भी मांगे हैं कि इन मूर्ति संग्रह केंद्रों को किन जगहों पर खोला जाना चाहिए ताकि आम जनता को आसानी हो।
यमुना की सफाई के लिए सख्त नियम और सरकारी प्रयास
यमुना को शहर की जीवन रेखा के रूप में बहाल करने के लिए उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने भी संकल्प लिया है। इससे पहले दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने यमुना या किसी भी जल निकाय में मूर्ति विसर्जन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी थी कि वे घर पर ही बाल्टी या कंटेनर में विसर्जन करें और धार्मिक सामग्री को अलग से ठिकाने लगाएं। इस अभियान में संस्कृति यूथ फाउंडेशन और यमुना टास्क फोर्स जैसी संस्थाएं भी पहले से सक्रिय रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्षतिग्रस्त मूर्तियों के रीसाइक्लिंग अभियान का क्या उद्देश्य है?
इस अभियान का उद्देश्य प्रदूषित यमुना नदी और अन्य जलाशयों में मूर्तियों के विसर्जन को रोकना है। इसके लिए सरकार समर्पित रीसाइक्लिंग केंद्र बनाएगी ताकि मूर्तियों का सम्मानपूर्वक निस्तारण हो सके।
यमुना में मूर्ति विसर्जन करने पर क्या जुर्माना है?
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के नियमों के मुताबिक, यमुना या किसी अन्य जल निकाय में मूर्ति विसर्जन करने पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।