Delhi में CJP विरोध प्रदर्शन से व्यापार ठप, CTI ने PM मोदी को पत्र लिखकर मांगी मदद
Delhi: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों ने शहर के व्यापार को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रदर्शनों के कारण बाजारों में सन्नाटा पसर गया है, जिसके बाद चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने प्
Delhi: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों ने शहर के व्यापार को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रदर्शनों के कारण बाजारों में सन्नाटा पसर गया है, जिसके बाद चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस स्थिति में हस्तक्षेप करने की अपील की है। व्यापारियों का कहना है कि इस हंगामे की वजह से उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
CTI के अध्यक्ष बृजेश गोयल के मुताबिक पिछले तीन से चार दिनों में दिल्ली के केंद्रीय बाजारों का कारोबार 70% तक गिर गया है, वहीं स्थानीय बाजारों में भी 50% से ज्यादा की गिरावट आई है। इस वजह से व्यापारियों को हजारों करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। CTI ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मांग की है कि मध्य दिल्ली में होने वाले बड़े प्रदर्शनों को नियंत्रित किया जाए और जंतर-मंतर जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों की संख्या 1,000 तक सीमित रखी जाए। साथ ही उन्होंने बाहरी दिल्ली में एक स्थायी विरोध प्रदर्शन स्थल बनाने का सुझाव दिया है ताकि आम जनता और व्यापार पर असर न पड़े।
दूसरी तरफ CJP का यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं, खासकर NEET पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NEET पीड़ितों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और छात्रों पर हुए हमले के लिए सरकार और पुलिस से माफी की मांग कर रहे हैं। सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई है, जिसमें सरकार ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर जवाब देने के लिए समय मांगा है।
सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के पास फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरे लगाए हैं और कुछ समय के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद रखी गई थीं। दिल्ली मेट्रो ने भी सुरक्षा कारणों से कई स्टेशनों को बंद किया था, हालांकि अब कुछ स्टेशन फिर से खुल गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले में कहा है कि छात्रों के भविष्य की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है और पेपर लीक करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।