Delhi: राजधानी के बच्चों में एक अजीब समस्या देखी जा रही है जिसे हेल्थ एक्सपर्ट्स ‘डबल बर्डन ऑफ मालन्यूट्रिशन’ कह रहे हैं। यहाँ बच्चे कैलोरी तो ज्यादा ले रहे हैं, लेकिन उनके शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल रह
Delhi: राजधानी के बच्चों में एक अजीब समस्या देखी जा रही है जिसे हेल्थ एक्सपर्ट्स ‘डबल बर्डन ऑफ मालन्यूट्रिशन’ कह रहे हैं। यहाँ बच्चे कैलोरी तो ज्यादा ले रहे हैं, लेकिन उनके शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल रहे हैं। जंक फूड की लत और शारीरिक मेहनत की कमी की वजह से बच्चे ऊपर से मोटे दिख रहे हैं, लेकिन अंदर से वे कमजोर हैं।
बच्चों में मोटापा और कुपोषण क्यों बढ़ रहा है?
The Hindu की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के बच्चे अक्सर डबल-फ्राइड पोटैटो और मठरी जैसी चीजें खाते हैं, जिन्हें बार-बार गर्म किए गए काले तेल में बनाया जाता है। इससे कैलोरी तो बढ़ती है पर पोषण नहीं मिलता। AIIMS और ICMR की एक स्टडी में सामने आया कि प्राइवेट स्कूल के बच्चों में मोटापा सरकारी स्कूल के बच्चों के मुकाबले पांच गुना ज्यादा है, जबकि सरकारी स्कूलों में गरीबी की वजह से बच्चे अंडरवेट हैं।
दिल्ली सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
इस समस्या से लड़ने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने ‘Morning Nutrition Programme’ शुरू किया है। Akshaya Patra Foundation के साथ मिलकर लगभग 200 सरकारी स्कूलों के 90,000 छात्रों को पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा। इसके अलावा, दिसंबर 2025 में ‘अटल कैंटीन स्कीम’ भी शुरू की गई थी, जहाँ आम जनता को सिर्फ 5 रुपये में पौष्टिक खाना मिलता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की क्या राय है?
स्वास्थ्य मंत्री Pankaj Kumar Singh ने कहा कि इन कोशिशों से दिल्ली का हेल्थ सिस्टम एक मॉडल बनेगा। वहीं, FSSAI और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने भी इस बात पर जोर दिया है कि भारत में गरीब लोग भी अब मोटापे का शिकार हो रहे हैं क्योंकि वे सस्ते लेकिन पोषक तत्वों से खाली खाने पर निर्भर हैं। सही डाइट और व्यायाम ही इस समस्या का एकमात्र हल है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डबल बर्डन ऑफ मालन्यूट्रिशन क्या है?
यह ऐसी स्थिति है जब शरीर में कैलोरी की मात्रा तो ज्यादा होती है (जिससे मोटापा बढ़ता है), लेकिन जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी होती है।
Morning Nutrition Programme क्या है?
यह दिल्ली सरकार और Akshaya Patra Foundation की पहल है, जिसके तहत 200 सरकारी स्कूलों के करीब 90,000 बच्चों को पौष्टिक भोजन दिया जाएगा।