Delhi में बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड डॉक्टर के पति और रोहिणी के अस्पताल की जांच शुरू
Delhi: दिल्ली पुलिस ने बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। इस पूरे रैकेट की मास्टरमाइंड डॉ. विवेकी बताई जा रही हैं, जो पुलिस की गिरफ्त में हैं। अब पुलिस ने उनके सरकारी डॉक्टर पति और रोह
Delhi: दिल्ली पुलिस ने बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। इस पूरे रैकेट की मास्टरमाइंड डॉ. विवेकी बताई जा रही हैं, जो पुलिस की गिरफ्त में हैं। अब पुलिस ने उनके सरकारी डॉक्टर पति और रोहिणी के एक अस्पताल को अपनी जांच के दायरे में लिया है, जहाँ फर्जी दस्तावेज बनाकर जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाते थे।
पुलिस उपायुक्त (मध्य) रोहित राजबीर सिंह के मुताबिक, डॉ. विवेकी बेगमपुर स्थित हीरा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल की मालकिन हैं। इसी अस्पताल का इस्तेमाल तस्करी किए गए बच्चों को रखने, खरीदारों को ढूंढने और जाली मेडिकल कागजात बनाने के लिए किया जाता था। पुलिस ने 18 से 20 जून के बीच इस गिरोह से जुड़े 12 से 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले करीब दो साल में 30 बच्चों की तस्करी कर चुका है। बच्चों की कीमत उनकी जेंडर के हिसाब से तय होती थी। लड़कियों को 3 से 4 लाख रुपये और लड़कों को 7 से 8 लाख रुपये में बेचा जाता था। लड़कों की मांग ज्यादा होने के कारण उनकी कीमत अधिक थी। एक मामले में फर्जी जुड़वां बच्चों को 9 लाख रुपये में बेचा गया था।
विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि यह ऑपरेशन कई राज्यों की पुलिस टीमों ने मिलकर बहुत सावधानी से चलाया। पहाड़गंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस अब दिल्ली मेडिकल काउंसिल (DMC) से संपर्क कर डॉ. विवेकी का लाइसेंस रद्द कराने और उनके अस्पताल को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी में है।
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में ज्योति उर्फ कमलेश, शालू, ललित, प्रतिभा, विपिन, सायबाभाई घमर और ओमवती शामिल हैं। इनमें से कुछ लोग बच्चों की सप्लाई, पैसों के लेन-देन और डिलीवरी संभालने का काम करते थे। ग्वालियर और पानीपत से बच्चे खरीदने वाले कुछ जोड़े भी पकड़े गए हैं। फिलहाल पुलिस बचाए गए पांच बच्चों के असली माता-पिता को खोजने की कोशिश कर रही है और बच्चों को बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया गया है।